नर्स का पेशा सेवा, संवेदना और समर्पण का प्रतीक : एसडीएम संजय कुमार
गढ़वा। अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम “कॉफी विद एसडीएम” के तहत बुधवार को अनुमंडल कार्यालय सभागार में अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के अवसर पर विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़ी 30 से अधिक नर्सिंग कर्मियों ने भाग लिया और एसडीएम के साथ कॉफी टेबल पर बैठकर खुलकर अपने अनुभव, समस्याएं और सुझाव साझा किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि नर्सिंग कर्मी स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। मरीजों की सेवा, देखभाल और कठिन परिस्थितियों में उनका समर्पण समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि नर्स का पेशा केवल नौकरी नहीं बल्कि मानव सेवा और संवेदना का प्रतीक है। मरीजों के इलाज के दौरान नर्सिंग कर्मियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वे हर परिस्थिति में मरीजों के साथ खड़े रहते हैं।

संवाद कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग कर्मियों ने ड्यूटी के दौरान आने वाली परेशानियों, अस्पतालों में संसाधनों की कमी, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, उपकरणों की उपलब्धता तथा मरीजों एवं परिजनों के साथ समन्वय जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। महिला नर्सिंग कर्मियों ने रात्रि ड्यूटी के दौरान सुरक्षा, पारिवारिक जिम्मेदारियों और कार्यस्थल की चुनौतियों पर भी अपने विचार रखे।
एसडीएम संजय कुमार ने सभी नर्सिंग कर्मियों को पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की सीख देते हुए कहा कि रोगियों की सेवा ईश्वर की सेवा के समान है। उन्होंने कहा कि कुछ शिकायतें मिलती हैं कि सरकारी अस्पतालों के कुछ कर्मी निजी लाभ के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर भेजने का प्रयास करते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि उन्होंने अधिकांश नर्सिंग कर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा में उनका योगदान अत्यंत सराहनीय है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ नर्सिंग कर्मियों ने प्रशिक्षु नर्सों को प्रेरित भी किया। सदर अस्पताल की प्रभारी नर्स संध्या तिवारी ने कहा कि नर्स को हमेशा मरीजों के साथ मुस्कुराकर और अच्छे व्यवहार के साथ पेश आना चाहिए। वहीं जीएनएम नीतू कुमारी ने मरीजों को अस्पताल के विभिन्न विभागों तक पहुंचाने में सहयोग करने की बात कही। रंजू बाला मिंज ने कहा कि जिन मरीजों का कोई परिजन नहीं होता, उनके साथ भी परिवार जैसा व्यवहार करना चाहिए।
एसडीएम ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच लगातार संवाद जरूरी है। उन्होंने नर्सिंग कर्मियों को आश्वस्त किया कि उनके सुझावों और समस्याओं को गंभीरता से लेकर संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रीति कुमारी, चंदा भारती, श्वेता कुमारी, अंजू कुमारी, सोना कुमारी, सबीना खातून, सपना कुमारी, नेहा खातून, सुप्रिया कुमारी, शालिनी कुमारी, सपना पटेल, प्रिया कुमारी, निकिता प्रिया, शुभ्रा कुमारी, प्रियंका कुमारी, सीमांचली, अर्चना, स्नेहा, चांदनी, अरविंद कुमार, दीपक यादव, जमील अख्तर, रंजू बाला मिंज, नीतू कुमारी, संध्या तिवारी, रीना, पूनम सहित बड़ी संख्या में नर्सिंग कर्मी उपस्थित थे।













