सूरज वर्मा
केतार (गढ़वा)। केतार प्रखंड कार्यालय में जन्म प्रमाण पत्र निर्गत करने में हो रही देरी से आम लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन देने वाले कई लोग महीनों से कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन अब तक उन्हें प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है। इससे बच्चों के स्कूल नामांकन सहित कई आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मुकुंदपुर पंचायत निवासी अजय प्रसाद ने बताया कि उन्होंने अपने नाती अनमोल कुमार गुप्ता का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए करीब चार माह पूर्व आवेदन जमा किया था। बावजूद इसके आज तक प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके नाती का विद्यालय में नामांकन कराना है, लेकिन जन्म प्रमाण पत्र के अभाव में प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। यदि जल्द प्रमाण पत्र नहीं मिला तो बच्चे का एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।
अजय प्रसाद ने बताया कि वे कई बार प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। किसी भी स्तर पर यह स्पष्ट नहीं किया जाता कि आवेदन की वर्तमान स्थिति क्या है और प्रमाण पत्र कब तक मिलेगा।
इसी तरह प्रखंड क्षेत्र के कई अन्य ग्रामीणों ने भी जन्म प्रमाण पत्र निर्गत करने में अनावश्यक विलंब का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि आवेदन जमा करने के बाद न तो कोई निर्धारित समय सीमा बताई जाती है और न ही आवेदकों को प्रगति की जानकारी दी जाती है। परिणामस्वरूप उन्हें बार-बार कार्यालय आना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इस संबंध में प्रखंड कार्यालय के कर्मी शिव कुमार यादव से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए अनुमंडल कार्यालय जाना होगा। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि आवेदन प्रखंड कार्यालय में जमा कराया गया है, ऐसे में संबंधित विभाग को स्पष्ट व्यवस्था बनाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर लंबित जन्म प्रमाण पत्रों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जन्म प्रमाण पत्र एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसकी आवश्यकता स्कूल नामांकन, सरकारी योजनाओं और विभिन्न प्रमाण पत्रों के निर्माण में पड़ती है। ऐसे में इसके निर्गत होने में महीनों की देरी आम लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रही है।
केतार प्रखंड कार्यालय की कार्यशैली पर उठे सवाल: जन्म प्रमाण पत्र के लिए चार माह से भटक रहे लोग, नामांकन पर मंडराया संकट














