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सिद्धो कान्हू का बलिदान आज भी देता है उलगुलान की प्रेरणा: कृतिवास मंडल

On: June 30, 2026 4:03 PM
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जमशेदपुर:सिद्धो कान्हू स्मारक समिति, बागबेड़ा के द्वारा आज 171वें हूल दिवस के अवसर पर वीर सिद्धो-कान्हो-चांद-भैरव की शहादत को नमन किया गया।
स्मारक समिति के संरक्षक लक्ष्मण किस्कू व सभी पदाधिकारियों व ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना कर शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इस अवसर पर आरटीआई एक्टिविस्ट सह आजसू जिला सचिव श्री कृतिवास मंडल ने कहा कि “1855 के संथाल हूल के नायक वीर सिद्धो-कान्हू और उनके साथी चांद-भैरव ने अंग्रेजी हुकूमत और जमींदारों के शोषण के खिलाफ आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका बलिदान आज भी हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होना सिखाता है। सिद्धो कान्हू का बलिदान आज भी हमें उलगुलान की प्रेरणा देता है

श्री मंडल ने कहा कि वीर सिद्धो-कान्हू-चांद-भैरव का साहस और ‘जल-जंगल-जमीन’ की रक्षा का संकल्प आज भी प्रासंगिक है नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से सीख लेकर समाज और प्रकृति की रक्षा करनी चाहिएऔर जल-जंगल-जमीन बचाने के लिए फिर एक बार उलगुलान की जरूरत है

कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष अशोक बंकिरा, सचिव सुनील कुमार प्रसाद, श्रीमती निशा बंकीरा, श्रीमती दुली मुर्मू, श्रीमती पोमा किस्कू समेत बड़ी संख्या में गणमान्य ग्रामीण उपस्थित थे।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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