लंबित मांगों के समर्थन में एमपीडब्ल्यू संघ ने सीएस कार्यालय का दो दिवसीय घेराव शुरू किया
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भास्कर न्यूज|लोहरदगा झारखंड एमपीडब्ल्यू कर्मचारी संघ ने अपनी न्यायोचित एवं लंबे समय से लंबित मांगों के समर्थन में शुक्रवार को सिविल सर्जन कार्यालय का दो दिवसीय शांतिपूर्ण घेराव शुरू किया। संघ ने कहा कि 13 जुलाई 2026 से चरणबद्ध एवं शांतिपूर्ण आंदोलन चल रहा है. संघ के अनुसार 13 जुलाई 2026 से 16 जुलाई 2026 तक कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर काला बिड़ला पहनकर काम किया. 17 जुलाई 2026 से 20 जुलाई 2026 तक मांगों से संबंधित तख्तियां लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। 21 जुलाई 2026 से 23 जुलाई 2026 तक नियमित काम के साथ भूख हड़ताल। अब 24 जुलाई 2026 से 25 जुलाई 2026 तक सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष धरना दिया जाएगा। 27 जुलाई 26 तक मांगें पूरी नहीं होने पर ए. रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र के नेपाल हाउस स्थित स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव के कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी गयी है. संघ ने कहा कि अगर सरकार मांगें नहीं मानती है, तो प्रतिनियुक्त एमपीडब्ल्यू 2026 में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले का सामूहिक रूप से बहिष्कार करेगा. संघ की मांगों में 18 वर्षों से स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे जमीनी स्तर के कार्यकर्ता एमपीडब्ल्यू का पूर्ण समायोजन शामिल है. क्षेत्रीय कार्यकर्ता एवं बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता के विज्ञापन को तत्काल रद्द करने की भी मांग की गयी है. संघ ने कहा कि एमपीडब्ल्यू 2008 से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं. अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं. पल्स वीबीडी के कार्य के अलावा पोलियो, टीवी, कुष्ठ रोग, नियमित टीकाकरण, एमसीडी कार्य, खेल में मेडिकल ड्यूटी आदि कार्य भी करता है। वह विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में लगातार भाग लेता रहा है। संघ ने कहा कि सरकार ने कई बार आश्वासन दिया. अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है. कर्मचारी ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। 2008 से कार्यरत कई एमपीडब्ल्यू सेवानिवृत्ति के कगार पर हैं. कई कर्मचारियों की मौत भी हो गई. विभाग ने कोई मदद नहीं की. इन मुद्दों को लेकर इस बार एमपीडब्ल्यू शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. संघ ने कहा कि हम आर-पार के मूड में हैं. मौके पर झारखंड एमपीडब्ल्यू कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभाकर पाठक, कर्मचारी संघ के राजेश्वर महतो, नितिन कुमार गुप्ता, मेकायस अहमद, विकास कुमार महतो, मनीष प्रसाद केशरी, अकरम इरफान, सीताराम खरवार, आलोक कुमार, मनीष कुमार, सीताराम उरांव, गंधुर उरांव, देवेन्द्र कुमार गिरि, रामकुमार महतो, ताजे, मंसूर अंसारी, राजेश्वर किशोर तिर्की, आफताब आलम, शादाब शामिल थे। कुरेशी, विनोद टाना भगत, रामनरेश भगत सहित सभी एमपीडब्ल्यू एवं कर्मी उपस्थित थे।
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