जेपीएससी परीक्षा घोटाला: आरोपियों को जेल से लाकर आमने-सामने बिठाकर की गई पूछताछ, संयुक्त सचिव के पीए समेत दो और गिरफ्तार, झारखंड हिंदी समाचार
JPSC Exam Scam: जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. सीआईडी की टीम शनिवार को बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल से मुख्यालय पहुंची. वहां सभी से पहले अलग-अलग और फिर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई।
जेपीएससी परीक्षा घोटाला: जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी मामले में गिरफ्तार आरोपियों को शनिवार को बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल से सीआइडी टीम मुख्यालय ले गयी. वहां सभी से पहले अलग-अलग और फिर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। सीआईडी ने शनिवार को ही जेपीएससी की संयुक्त सचिव सरोजनी एनी तिर्की के पीए सोनू कुमार और अभय तिवारी के सहयोगी अरविंद मंडल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
रिमांड पर लिए गए जेपीएससी की परीक्षा पूर्व उपनियंत्रक श्वेता वर्मा, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर और बाद में बीएसओ के पद पर कार्यरत अभय तिवारी, टीडीपीएल के कर्मचारी मो उस्मान और मो एबाद से सीआइडी ने पूछताछ की कि किन परीक्षाओं में गड़बड़ी हुई, कौन से मॉड का इस्तेमाल हुआ, किसकी भागीदारी थी.
बाद में श्वेता गुप्ता के सामने बैठाकर उनसे पूछताछ की गई. जानकारी के मुताबिक, सीआईडी को टीडीपीएल कर्मचारी मो उस्मान के साथ अभय तिवारी के मनी ट्रेल का भी पता चला है. इधर, शनिवार को गिरफ्तार किये गये सोनू पर ओएमआर शीट में हेराफेरी करने में श्वेता गुप्ता का साथ देने का आरोप है. जबकि अरविंद को पौढ़ीहाट से हिरासत में लिया गया.
अभय तिवारी ने स्टेशन रोड में एक होटल लीज पर लिया था.
सीआईडी ने शुक्रवार की देर शाम रांची के स्टेशन रोड स्थित जिस होटल में छापेमारी की, उसे अभय कुमार तिवारी ने 11 महीने की लीज पर लिया था. वर्ष 2021 में होटल को प्रकाश रेजीडेंसी के नाम से संचालित किया गया। सीआईडी और रांची पुलिस की टीम ने होटल में घंटों तक जांच की थी और कई रजिस्टर और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किये थे.
सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी को पूछताछ में जानकारी मिली है कि स्टेशन रोड स्थित इस होटल को अभय कुमार तिवारी ने साल 2021 में 11 महीने के लिए लीज पर लेकर संचालित किया था. इसके बाद जांच एजेंसी तुरंत सक्रिय हो गई और शुक्रवार की शाम होटल पहुंचकर वहां के रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए. जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस होटल का इस्तेमाल किसी अवैध नेटवर्क, उम्मीदवारों की बैठकों, सौदेबाजी या जेपीएससी परीक्षा से संबंधित अन्य संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया गया था।
होटल मैनेजर ने बताया कि जनवरी 2021 में अभय कुमार तिवारी को 11 महीने के लिए होटल लीज पर दिया गया था, लेकिन उनकी हरकतों से आसपास के होटल कर्मचारी परेशान होने लगे थे. आसपास के लोगों और स्थानीय व्यवसायियों के साथ उनके व्यवहार को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं. इस कारण तय अवधि पूरी होने से करीब छह महीने पहले ही लीज रद्द कर दी गयी और होटल खाली करा लिया गया.
