रांची: कांग्रेस ने राजधानी के बापू वाटिका के पास सत्याग्रह के बाद कैंडल मार्च का कार्यक्रम घोषित किया था. इसके बाद जैसे ही खबर आई कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पीएम नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. इस खबर के बाद कांग्रेस, राजद, झामुमो से जुड़े नेताओं समेत छात्र संगठनों से जुड़े छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गयी.
इससे पहले सीजेपी और अन्य छात्र नीट पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए थे. झारखंड की राजधानी रांची में भी कांग्रेस और वामपंथी दलों से जुड़े छात्र संगठनों के कई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर पर कांग्रेस का पहले प्रस्तावित कैंडल मार्च अब विजय जुलूस में बदल गया है. अल्बर्ट एक्का चौक पर सीपीआई (एमएल) की छात्र इकाई ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) से जुड़े छात्र नेताओं का जमावड़ा था. उन्होंने इसका जश्न मनाया.
कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देर से लिया गया फैसला बताया. उन्होंने कहा कि 22 नीट अभ्यर्थियों की मौत के लिए धर्मेंद्र प्रधान, नरेंद्र मोदी और बीजेपी जिम्मेदार हैं. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. एम. तौसीफ ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के देशव्यापी आंदोलन और उनके नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों द्वारा छात्रों को दिए गए समर्थन के कारण हुआ है. डॉ. एम तौसीफ ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तो महज एक संकेत है, आगे और भी लड़ाई है.
प्रधानमंत्री को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए- बंधु तिर्की
वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि न खाऊंगा, न खाने दूंगा कहकर सत्ता में आये प्रधानमंत्री ने देश में कौन सी स्थिति बना दी है. देश को इस स्थिति में पहुंचाने के लिए उन्हें देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए।’
झारखंड में जेपीएससी में गड़बड़ी को लेकर झारखंड भाजपा नेताओं द्वारा राज्य के शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेपीएससी में गड़बड़ी पर कार्रवाई की है, यहां तक कि अध्यक्ष को भी इस्तीफा देना पड़ा है. इसकी जांच हो रही है लेकिन इस राज्य में घोटाले की शुरुआत बाबूलाल मरांडी ने की थी, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए.
