रांची में धूमधाम से घुरती रथ यात्रा संपन्न, भाई-बहनों के साथ मुख्य मंदिर लौटे भगवान जगन्नाथ
रांची में घुरती रथयात्रा में शामिल श्रद्धालु. (फोटो-ईटीवी भारत)
रांची: 9 दिनों तक अपनी मौसी के घर रहने के बाद भगवान जगन्नाथ अपने भाई और बहन के साथ अपने मंदिर लौट आए। मौसी बाड़ी से भगवान को मंदिर तक लाने के लिए भक्तों द्वारा घूरती रथ यात्रा निकाली गयी. गाजे-बाजे और जयकारों के साथ भगवान जगन्नाथ को उनके भाई-बहन के साथ वापस मंदिर लाया गया।
तीनों भाई-बहन मुख्य मंदिर में लौट आये
मौसीबाड़ी में नौ दिनों के प्रवास के बाद शनिवार को भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की घुरती रथ यात्रा (बहुड़ा यात्रा) श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। हजारों भक्तों की मौजूदगी में तीनों मूर्तियों को मंदिर में वापस लौटा दिया गया। इस दौरान पूरे रास्ते जय जगन्नाथ के जयकारे से माहौल भक्तिमय बना रहा। भगवान जगन्नाथ की घूरती रथयात्रा में शामिल होने के लिए झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास भी पहुंचे थे. इस दौरान रघुवर दास ने भगवान जगन्नाथ का रथ भी खींचा.
घूरती रथ यात्रा में शामिल हुए पूर्व सीएम रघुवर दास का बयान. (वीडियो-ईटीवी भारत)
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी
शनिवार की सुबह से ही जगन्नाथपुर मौसी बाड़ी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी. धार्मिक अनुष्ठानों और विशेष पूजा-अर्चना के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को भव्य रथों पर बैठाया गया। इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ घुरती रथ यात्रा शुरू हुई। भक्तों ने रथ की रस्सियों को खींचा और भगवान को उनके मूल मंदिर तक ले गए।
रथ खींचते पूर्व सीएम रघुवर दास. (फोटो-ईटीवी भारत)
मान्यता है कि रथ खींचने से पुण्य की प्राप्ति होती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। रथयात्रा के दौरान पूरे मार्ग को रंग-बिरंगी सजावट, फूलों और धार्मिक झंडों से सजाया गया था। जगह-जगह भक्तों ने भगवान की आरती उतारी और पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। हर तरफ भजन-कीर्तन के साथ-साथ जय जगन्नाथ भी गूंजता रहा। घूरती रथ यात्रा में महिलाएं, बच्चे और युवा समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.
रथ पर विराजमान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा। (फोटो-ईटीवी भारत)
मूल मंदिर में महाप्रभु का स्वागत हुआ
मूल मंदिर पहुंचने पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ स्वागत किया गया. विशेष पूजा-अर्चना के बाद तीनों देवताओं को गर्भगृह में स्थापित किया गया।
रांची में घुरती रथयात्रा में शामिल श्रद्धालु. (फोटो-ईटीवी भारत)
पुलिस अलर्ट रही
घूरती रथयात्रा को लेकर जिला प्रशासन व पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये थे. संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गयी है. साथ ही सीसीटीवी से भी निगरानी रखी जा रही थी. यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर यातायात मार्गों में बदलाव भी किया गया।
जगन्नाथपुर मेले में उमड़ी लोगों की भीड़. (फोटो-ईटीवी भारत)
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