
गढ़वा: गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने मेराल थाना प्रभारी विष्णुकांत के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए केंद्रीय गृह सचिव को पत्र भेजा है। विधायक ने थाना प्रभारी पर भ्रष्टाचार, पद के कथित दुरुपयोग, अवैध वसूली तथा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने की मांग की है।
केंद्रीय गृह सचिव को भेजे गए पत्र में विधायक ने आरोप लगाया है कि मार्च 2024 से मेराल थाना प्रभारी के पद पर पदस्थापित विष्णुकांत द्वारा कथित रूप से आम लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर अवैध वसूली की जा रही है। विधायक के अनुसार, इस संबंध में क्षेत्र के लोगों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
विधायक ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि मेराल थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर संचालकों से प्रत्येक माह 45-45 हजार रुपये की राशि वसूली जाती है। इसके अलावा उन्होंने बालू के अवैध कारोबार और कथित कालाबाजारी को संरक्षण दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए बालू ले जाने वाले गरीब ग्रामीणों से भी कथित रूप से 50 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की राशि वसूले जाने की शिकायतें सामने आई हैं। विधायक ने इन आरोपों की गहन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने थाना प्रभारी विष्णुकांत की कथित चल-अचल संपत्तियों की भी जांच कराने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि यदि जांच के दौरान कोई संपत्ति अवैध स्रोतों से अर्जित पाई जाती है तो नियमानुसार उसे जब्त करने की कार्रवाई की जाए।
विधायक ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच से ही लगाए गए आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकेगी। उन्होंने जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है।
केंद्रीय गृह सचिव के अलावा विधायक ने अपने पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), झारखंड भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), झारखंड पुलिस महानिदेशक, झारखंड सीआईडी, गृह विभाग झारखंड, पलामू के पुलिस उपमहानिरीक्षक और गढ़वा के पुलिस अधीक्षक को भी भेजी है। विधायक ने सभी संबंधित जांच एजेंसियों और अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है।
फिलहाल विधायक की ओर से लगाए गए आरोपों पर थाना प्रभारी विष्णुकांत या संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







