
रांची: बड़गांई की 8.86 एकड़ कथित जमीन फर्जीवाड़े से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ईडी की विशेष अदालत के फैसले को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। ईडी कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दिया था। अब इसी आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया गया है।
मामला कथित तौर पर बड़गांई इलाके की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले की जांच के दौरान जमीन से संबंधित दस्तावेजों और कथित अनियमितताओं को लेकर कई स्तरों पर कार्रवाई की थी।
15 आरोपियों के खिलाफ हो चुका है आरोप गठन
मामले में ईडी की विशेष अदालत पहले ही अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह समेत 15 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन कर चुकी है। वहीं, राजकुमार पाहन समेत दो आरोपियों के खिलाफ अभी आरोप गठन नहीं हुआ है।
मामले में आरोपी बनाए गए लोगों में राजस्वकर्मी भानु प्रसाद प्रताप, अंतू तिर्की, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, विनोद कुमार सिंह, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरसाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरसाद समेत अन्य के नाम शामिल हैं।
ईडी ने की थी कई ठिकानों पर छापेमारी
कथित जमीन फर्जीवाड़े की जांच के दौरान ईडी ने कई बार छापेमारी और अन्य कार्रवाई की थी। जांच एजेंसी ने जेएमएम नेता अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह और जमीन कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर भी तलाशी ली थी।
जांच पूरी करने के बाद ईडी ने मामले में आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी और विशेष अदालत ने कई आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन किया।
हाईकोर्ट के फैसले पर नजर
अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किए जाने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दिए जाने के बाद इस मामले की सुनवाई पर सभी की नजरें हैं। हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं पर दलीलें रखी जाएंगी।
नोट: जमीन फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।





