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जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही नॉनस्टॉप मूसलाधार बारिश के बीच अब बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। एक तरफ लगातार बारिश से खरकई और स्वर्णरेखा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर ओडिशा में भी भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई जलाशयों और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण आने वाले घंटों में जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र में नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

जिला प्रशासन से 1 सितंबर को सुबह 6:00 बजे मिली जानकारी के मुताबिक खरकाई नदी खतरे के निशान से तकरीबन 2.07 मीटर ऊपर बह रही है जबकि स्वर्णरेखा नदी खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। स्वर्ण रेखा नदी आदित्यपुर पुल के पास खतरे के निशान 121.50 मीटर को पार कर 121.340 मीटर पर बह रही है। जो खतरे के निशान पार करने को है जलस्तर बढ़ रहा है
लगातार बारिश से हालात बिगड़ने की आशंका
जमशेदपुर में पिछले 48 घंटों के दौरान 160 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने कोल्हान प्रमंडल में अगले तीन दिनों तक मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश जारी रहने की स्थिति में नदियों और जलाशयों का जलस्तर और बढ़ सकता है।
स्थिति को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा खरकई और स्वर्णरेखा नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
डैमों और बैराजों से छोड़ा जा रहा भारी पानी
जमशेदपुर में बाढ़ के खतरे की एक बड़ी वजह ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा जलस्तर भी है। चांडिल कॉम्प्लेक्स फ्लड सेल की निगरानी में कई डैम और बैराजों के फाटक खोले गए हैं।
गंजिया बैराज में जलस्तर 135.00 मीटर पहुंचने के बाद सभी 8 रेडियल गेट पूरी तरह खोल दिए गए हैं और वहां से करीब 1186.54 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।
वहीं चांडिल डैम से 13 फाटकों के जरिए करीब 744.57 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया है। गालूडीह बैराज के 6 गेट खोलकर करीब 1633.36 क्यूमेक्स पानी का बहाव जारी है।
इसके अलावा ओडिशा की ओर से भी जलाशयों से पानी छोड़े जाने की जानकारी है। बांकाबल डैम से 84.72 क्यूमेक्स और खरकई डैम से 55.18 क्यूमेक्स पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।
ओडिशा में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात
इधर पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी लगातार भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। केंद्रापड़ा, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज और क्योंझर समेत कई जिलों में दर्जनों गांवों में पानी घुस गया है।
कई स्थानों पर सड़क और पुल जलमग्न होने के कारण गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। पानी से घिरे लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।
ओडिशा में लगातार हो रही बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने की स्थिति को देखते हुए इसका असर निचले इलाकों में भी पड़ने की आशंका है। ऐसे में जमशेदपुर में पहले से बढ़े नदी के जलस्तर के बीच प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।
तटीय बस्तियों में घुसा पानी, लोगों में दहशत
खरकई और स्वर्णरेखा के बढ़ते जलस्तर का असर शहर की तटीय बस्तियों में दिखाई देने लगा है। बागबेड़ा, कदमा के शास्त्रीनगर, मानगो के शंकोसाई और दाईगुट्टू जैसे इलाकों में कई घरों और बस्तियों में पानी प्रवेश करने की सूचना है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पानी घरों के आंगन तक पहुंचने लगा है। कई परिवार अपने जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटे हैं। जलस्तर में और वृद्धि होने पर निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जरूरत पड़ सकती है।
आदित्यपुर में जलजमाव से यातायात प्रभावित
लगातार बारिश के कारण आदित्यपुर रेलवे अंडरग्राउंड पुल के नीचे भारी जलजमाव हो गया है, जिससे यातायात प्रभावित है। वहीं ओवरब्रिज के पास रेलवे द्वारा गिराई गई मिट्टी बारिश के पानी के साथ मुख्य सड़क पर आ गई है, जिससे सड़क पर फिसलन बढ़ गई है। कई बाइक सवारों के चोटिल होने की सूचना है।
नगर निकाय की ओर से माइकिंग कर तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
JNAC, मानगो और जुगसलाई नगर परिषद अलर्ट मोड पर
बढ़ते बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने जेएनएसी, मानगो नगर निगम और जुगसलाई नगर परिषद को अलर्ट मोड पर रखा है। राहत एवं बचाव व्यवस्था को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा की स्थिति से निपटने के लिए NDRF की टीम को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यह है कि जमशेदपुर में एक तरफ लगातार नॉनस्टॉप बारिश हो रही है और दूसरी तरफ ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों तथा ओडिशा में भारी बारिश के कारण डैम और बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है। यदि बारिश और जल निकासी का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो खरकई और स्वर्णरेखा का जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे जमशेदपुर के निचले और नदी किनारे वाले इलाकों में बाढ़ का खतरा गंभीर रूप ले सकता है।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि नदी और निचले इलाकों से दूरी बनाए रखें तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।






