
कौशांबी: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। सोमवार, 31 अगस्त की दोपहर हुए इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें आठ बच्चे शामिल हैं। हादसे में पांच अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने 1 सितंबर को एनकाउंटर में आरोपी नौशाद को गिरफ्तार कर उसका अवैध गोदाम ध्वस्त कर दिया।
घटना मोहम्मदपुर मनौरी इलाके में पिपरी थाना क्षेत्र में हुई। विस्फोट के बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई और देखते ही देखते पूरा परिसर तबाह हो गया। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री की इमारत के साथ आसपास के छह घर भी क्षतिग्रस्त हो गए।
हादसे के बाद इस मामले में सबसे बड़ा सवाल फैक्ट्री के संचालन को लेकर उठ रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जिस पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ, उसका लाइसेंस वर्ष 2024 में ही रद्द किया जा चुका था। इसके बावजूद यहां पटाखों का निर्माण किए जाने की बात सामने आई है।
हादसे के बाद कौशांबी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया था। पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थीं और आरोपी की गतिविधियों पर नजर रख रही थीं। इसी दौरान मंगलवार की सुबह करीब 4 बजे पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी इलाके से भागने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने चरवा थाना क्षेत्र के 13 मील सराय सहावा रोड पर घेराबंदी कर दी।
पुलिस के अनुसार, घेराबंदी देखकर आरोपी ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान आरोपी को गोली लग गई और वह घायल हो गया। पुलिस ने घायल आरोपी की पहचान नौशाद अली निवासी मनौरी के रूप में की है। उसे तत्काल इलाज के लिए मंझनपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार कराया जा रहा है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और फैक्ट्री संचालन से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है। वहीं हादसे में घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज और राहत-बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए हैं।






