
ग्वालियर: आस्था के सैलाब के बीच रात के सन्नाटे में ऐसा हाहाकार मचा कि हर किसी की रूह कांप उठी। जहां कुछ पल पहले शीतला माता के जयकारे गूंज रहे थे, वहीं अचानक चीखों और मातम का खौफनाक मंजर छा गया। आंतरी इलाके में पुलिस की आंखों के सामने भारी बैरिकेड्स को तिनके की तरह उड़ाते हुए धान से लदा एक बेकाबू ‘यमराज रूपी’ ट्रक ढलान से नीचे गिरा और सड़क पर मौजूद श्रद्धालुओं को बेरहमी से कुचलता चला गया।
हादसा इतना वीभत्स था कि ब्रेक फेल होते ही ट्रक मंदिर के मुख्य द्वार और दीवारों से जा टकराया। मलबे और भारी वाहन के नीचे दबने से 12 श्रद्धालुओं की सांसें थम गईं, जबकि 2 पुलिसकर्मियों समेत 39 लोग लहूलुहान होकर सड़क पर बिखर गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ओवरलोडेड ट्रक ने पलक झपकते ही हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया। जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में हर तरफ एंबुलेंस के सायरन और अपनों की तलाश में बिलखते परिजनों के आंसू दिखाई दे रहे हैं।
शैली 2: खोजी और प्रशासनिक सवाल उठाती पोर्टल (इंवेस्टिगेटिव / हार्ड-न्यूज़ स्टाइल)
मध्य प्रदेश: नो-एंट्री ज़ोन में घुसा ओवरलोडेड ट्रक, बैरिकेड्स तोड़ मंदिर में घुसा; पुलिस सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल, 12 श्रद्धालुओं की मौत
ग्वालियर: नवरात्रि पर्व के दौरान सुरक्षा चाक-चौबंद होने के प्रशासनिक दावों की धज्जियां उड़ गईं। आंतरी थाना क्षेत्र स्थित शीतला माता मंदिर के प्रतिबंधित ढलान वाले मार्ग पर रात करीब 1:30 बजे धान से लदे भारी वाहन के घुसने से बड़ा हादसा पेश आया, जिसमें 12 श्रद्धालुओं की जान चली गई और 27 से अधिक घायल हो गए। इस गंभीर घटना ने सीधे तौर पर पुलिस चेकपॉइंट की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चीनोर मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित होने के बावजूद, ओवरलोडेड ट्रक न केवल पुलिस बैरिकेड्स को पार कर गया बल्कि तेज ढलान पर अनियंत्रित होकर मंदिर परिसर की दीवार और गेट से जा टकराया। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक, अब तक कुल 39 पीड़ितों को अस्पताल ले जाया गया है, जिनमें से 5 से 6 की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। मामले में दो प्रमुख बिंदुओं पर जांच शुरू की गई है—पहला, सुरक्षा घेरा तोड़कर भारी वाहन ‘नो-एंट्री ज़ोन’ में कैसे दाखिल हुआ; दूसरा, आरटीओ (RTO) की मैकेनिकल जांच के जरिए यह पता लगाना कि क्या यह सिर्फ ब्रेक फेल होने का मामला था या वाहन की अनियंत्रित ओवरलोडिंग मुख्य वजह थी।





