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सघन आबादी और हाट बाजार में पटाखा बिक्री पर प्रतिबंध,निर्धारित समय के अलावा आतिशबाजी करने पर भी होगी कार्रवाई
आकाश लोहार
गढ़वा
त्योहार खुशियां बांटने के लिए होते हैं,अपनों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए होते हैं,दीपावली के दीप हों,छठ की आस्था हो,गुरु पर्व की पवित्रता हो या क्रिसमस और नववर्ष का उल्लास हर पर्व अपने साथ खुशियों की नई रोशनी लेकर आता है,लेकिन जरा सोचिए,अगर यही खुशियां लापरवाही के कारण किसी परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन जाएं,अगर पटाखों की चिंगारी किसी घर की खुशियां राख कर दे,तो त्योहार का उत्साह आखिर किस काम का,इसी चिंता को गंभीरता से लेते हुए गढ़वा जिला प्रशासन ने आगामी दीपावली,छठ,गुरु पर्व,क्रिसमस और नववर्ष के अवसर पर पटाखों की बिक्री एवं आतिशबाजी को लेकर सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं,प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है त्योहारों की रौनक बनी रहे,लेकिन किसी की जिंदगी,किसी का घर और किसी परिवार की खुशियां खतरे में न पड़ें,उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने जिले में विधि व्यवस्था बनाए रखने,अगलगी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं,जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी कर पटाखों की बिक्री करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सघन आबादी और हाट बाजार में नहीं बिकेंगे पटाखे :- जिला प्रशासन के निर्देश के अनुसार,सघन आबादी वाले शहरी क्षेत्रों और हाट बाजार में पटाखों की दुकान लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा,पटाखों की बिक्री केवल निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति प्राप्त खुले एवं सुरक्षित स्थानों पर ही की जा सकेगी,जिला मुख्यालय में खुले स्थान पर पटाखों की बिक्री करने के इच्छुक दुकानदार संगठनों को इसके लिए आवेदन समर्पित करना होगा,सक्षम प्राधिकार से निर्देश और अनुमति मिलने के बाद ही पटाखों की बिक्री की जा सकेगी,बिना अनुमति दुकान लगाने या निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी,प्रशासन ने पूर्व में पटाखा दुकानों में हुई अगलगी की बड़ी घटना को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है,इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहार के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से जान माल का नुकसान न हो।
जान लीजिए,किस दिन कितने बजे जला सकेंगे पटाखे :- पटाखे जलाने को लेकर जिला प्रशासन ने अलग अलग पर्वों के लिए समय निर्धारित किया है,आम नागरिकों को इन समय सीमाओं का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा,दीपावली और गुरु पर्व,रात्रि 8:00 बजे से 10:00 बजे तक ही पटाखे जलाने की अनुमति होगी,छठ महापर्व,प्रातः अर्घ्य के दिन सुबह 6:00 बजे से 8:00 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे,क्रिसमस और नववर्ष,क्रिसमस तथा 31 दिसंबर 2026 को नववर्ष के आगमन के अवसर पर रात्रि 11:55 बजे से मध्यरात्रि 12:30 बजे तक पटाखे जलाने की अनुमति होगी,निर्धारित समय के अतिरिक्त पटाखे जलाने की अनुमति नहीं होगी,प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा।
तेज आवाज वाले पटाखों पर भी रहेगी नजर :- त्योहार का उत्साह दूसरों के लिए परेशानी का कारण न बने,इसे ध्यान में रखते हुए पटाखों की ध्वनि सीमा को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं,आदेश के अनुसार,पटाखों की ध्वनि सीमा 125 डेसिबल से कम होनी चाहिए,इससे अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी,इस निर्देश का उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के साथ साथ आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखना है।
पटाखा दुकानदारों को खुद करनी होगी अग्निशमन की व्यवस्था :- पटाखों की बिक्री करने वाले दुकानदारों को अपने बिक्री स्थल पर अग्निशमन की समुचित व्यवस्था स्वयं सुनिश्चित करनी होगी,किसी भी आपात स्थिति में आग पर तत्काल काबू पाने और जान माल की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम रखना अनिवार्य होगा,बिना आवश्यक अनुमति और निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के पटाखों की बिक्री नहीं की जा सकेगी,यानी अब केवल दुकान लगाकर पटाखे बेचना पर्याप्त नहीं होगा,बल्कि सुरक्षा संबंधी शर्तों का पालन करना भी दुकानदारों की जिम्मेदारी होगी।
अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी :- जिला मुख्यालय में आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी अनुमंडल पदाधिकारी,गढ़वा,कार्यपालक पदाधिकारी,नगर परिषद गढ़वा तथा थाना प्रभारी,गढ़वा को सौंपी गई है,वहीं,श्री बंशीधर नगर और रंका अनुमंडल के अनुमंडल पदाधिकारी अपने अपने अनुमंडल मुख्यालयों में व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे,अन्य अंचलों में संबंधित अंचल अधिकारी अपने अपने अंचल मुख्यालयों में हाट बाजार से बाहर खुले एवं सुरक्षित स्थानों पर ही पटाखों की बिक्री सुनिश्चित कराएंगे,इस व्यवस्था के माध्यम से जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
नियम तोड़े तो कानूनी कार्रवाई के लिए रहें तैयार :- उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है,आदेश के अनुसार,उल्लंघन की स्थिति में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के सुसंगत प्रावधानों,वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम,पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी,जिला प्रशासन ने पटाखा विक्रेताओं से सभी निर्धारित नियमों का पालन करने और आम नागरिकों से सुरक्षित,संयमित एवं जिम्मेदार तरीके से त्योहार मनाने की अपील की है।
खुशियां मनाइए,मगर सुरक्षा की कीमत पर नहीं :- आखिर त्योहार की असली खूबसूरती पटाखों के शोर में नहीं,बल्कि अपनों की मुस्कान में है,दीपावली का असली उजाला किसी घर को रोशन करने में है,न कि किसी की जिंदगी में अंधेरा भरने में,छठ की आस्था,गुरु पर्व की पवित्रता,क्रिसमस का प्रेम और नववर्ष की उम्मीद तभी सार्थक है,जब हर व्यक्ति सुरक्षित रहे और हर परिवार के घर में खुशियां कायम रहें,याद रखिए,एक छोटी सी लापरवाही किसी परिवार की जिंदगी बदल सकती है,इसलिए नियमों का पालन करें,दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखें और त्योहारों को खुशियों का उत्सव बनाएं,किसी हादसे की वजह नहीं,जिला प्रशासन की अपील भी यही है त्योहार मनाइए,खुशियां बांटिए और जिम्मेदार नागरिक बनकर गढ़वा में शांति,सुरक्षा एवं सौहार्द का वातावरण बनाए रखने में अपना योगदान दीजिए।




