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अखिल भारतीय साहित्य परिषद की बैठक सह काव्य गोष्ठी सम्पन्न, “आत्मबोध से विश्वबोध” विषय पर कार्यक्रम का निर्णय

On: April 25, 2026 8:48 AM
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झारखंड वार्ता संवाददाता

रांची: अखिल भारतीय साहित्य परिषद की जिला रांची इकाई की कार्यकारिणी की विशेष बैठक सह काव्य गोष्ठी का आयोजन प्रेस क्लब रांची के सभागार में किया गया। कार्यक्रम में रांची महानगर की अध्यक्षा डॉ. राजश्री जयंती एवं महामंत्री विशाल कुमार सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

बैठक में प्रदेश स्तर से आए पदाधिकारियों में डॉ. प्रशांत कर्ण, इंद्रजीत यादव, चंदन प्रजापति, विजय प्रकाश सहित अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। इस दौरान परिषद के उद्देश्य एवं आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रांतीय महामंत्री विजय प्रकाश ने परिषद की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्था साहित्य और संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बैठक में सर्वसम्मति से “आत्मबोध से विश्वबोध” विषय पर एक व्यापक कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके सफल आयोजन के लिए रूपरेखा तैयार की गई तथा संयोजक व उप संयोजक का चयन भी किया गया।

प्रांतीय अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह की अस्वस्थता के कारण प्रांतीय उपाध्यक्ष के रूप में डॉ. प्रशांत कर्ण को जिम्मेदारी सौंपी गई।

बैठक के बाद आयोजित काव्य गोष्ठी में साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर माहौल को साहित्यिक रंग में रंग दिया। कार्यक्रम का संचालन पुष्पा सहाय ने किया।

इस अवसर पर डॉ. राजश्री जयंती, रूणा रश्मि ‘दीप्त’, विभा वर्मा ‘वाची’, अर्पणा सिंह ‘अर्पी’, ऋतुराज वर्षा, संगीता वर्मा, असीत कुमार, रेणु बाला धार, सुनीता अग्रवाल, निर्मला कर्ण, कल्पना दास, डॉ. अंजेश कुमार सहित कई रचनाकार उपस्थित रहे और अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रांची के हरमू में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक आयोजनों को जारी रखने का संकल्प दोहराया।

Shubham Jaiswal

“मैं शुभम जायसवाल, बीते आठ वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों और समाचार चैनलों में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले पाँच वर्षों से मैं साप्ताहिक अखबार ‘झारखंड वार्ता’ से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं बल्कि समाज और जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है, जहाँ मेरी कलम हमेशा सच और न्याय के पक्ष में चलती है।

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