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बिहार में एनकाउंटर पर बड़ा सवाल, सौरभ विष्णु ने सरकार से पूछा,’किसके इशारे पर चली गोली!’

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जमशेदपुर:बिहारी के भोजपुर जिला के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत को लेकर जन विकास मंच के प्रमुख एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

सौरभ विष्णु ने बताया कि भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण किया था, फिर भी उनकी पुलिस मुठभेड़ में मौत कैसे हुई? “अगर किसी व्यक्ति पर आरोप हैं तो उसका फैसला न्यायालय करता है, पुलिस को किस अधिकार से एनकाउंटर करने का अधिकार मिल जाता है?” बिहार में कई लोगों के पास हथियार होने की बात सामने आती है, तो क्या सभी का एनकाउंटर कर दिया जाएगा? कानून और न्याय व्यवस्था का काम न्यायालय का है, सड़क पर फैसला करना लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।”

सौरभ विष्णु ने आरोप लगाया कि भरत भूषण तिवारी अपने अधिकारों और मुद्दों को लेकर आवाज उठाते थे और बिहार पुलिस एवं सरकार के खिलाफ लगातार विरोध करते थे। किसके इसरे पर पुलिस ने एनकाउंटर हुआ है यह कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाए। यदि जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका गलत पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। सरकार को बताना होगा कि आखिर भरत भूषण तिवारी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।”

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Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।