राष्ट्रिय

मशहूर लोकगायिका शारदा सिन्हा का निधन, प्रशंसकों में शोक की लहर

Sharda Sinha Passes Away: पद्म पुरस्कार से सम्मानित बिहार की मशहूर लोकगायिका शारदा सिन्हा अब इस दुनिया में नहीं रहीं. मंगलवार को दिल्ली एम्स में उन्होंने देर शाम को आखिरी सांस ली. इसे महज संयोग कहें या छठी मईया की कोई मर्जी कि जिस आवाज को छठ पूजा की वजह से पहचान मिली. जिनके गीत के बिना इस महापर्व का जश्न अधूरा सा लगता है. आज वह आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई है. सोमवार की शाम को ही शारदा सिन्हा की तबीयत अधिक बिगड़ गयी थी और उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट करना पड़ा था. मंगलवार को उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए. इस खबर ने देशभर में उनके शुभचिंतकों को झकझोर कर रख दिया. शारदा सिन्हा के गाये छठ गीत अभी हर तरफ बज रहे हैं और इस महापर्व के बीच में उनके देहांत की खबर से प्रशंसकों में मायूसी छायी है.

दिल्ली एम्स में शारदा सिन्हा ने ली आखिरी सांस


बिहार की सुप्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा ने मंगलवार को दिल्ली एम्स में आखिरी सांस ली. 72 वर्षीय शारदा सिन्हा की तबीयत पिछले महीने ही बिगड़ गयी थी. जिसके बाद उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती किया गया था. आइसीयू में उनका इलाज चल रहा था. लेकिन इलाज के बाद उनकी तबीयत स्थिर हुई तो प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था. जिसके बाद परिवार समेत उन तमाम लोगों ने राहत की सांस ली थी जिनकी नजरें शारदा सिन्हा के हेल्थ अपडेट पर ही टिकी हुई थी.

सोमवार को बिगड़ी तबीयत, वेंटिलेटर पर किया गया था शिफ्ट


इधर, 4 नवंबर सोमवार को शाम में शारदा सिन्हा की तबीयत अचानक फिर बिगड़ गयी. जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट करना पड़ गया था. उनके पुत्र अंशुमन लगातार हेल्थ अपडेट दे रहे थे. सोशल मीडिया पर आकर उन्होंने जानकारी दी थी कि इंफेक्शन की वजह से मां की तबीयत अधिक बिगड़ गयी और वेंटिलेटर पर उन्हें देना पड़ा. उनकी आंखें बंद हैं और अचेत अवस्था में हैं. जबकि सोमवार की सुबह जब उनके पुत्र अंशुमन ने अपनी मां से कुछ बात करने की कोशिश की तो शारदा सिन्हा की आंखों की पुतली में बेहद हल्की सी हरकत महसूस की गयी थी.

प्रशंसकों में शोक की लहर


शारदा सिन्हा फिर से सेहतमंद होकर लौटेंगी. मौत से लड़कर वो जीतेंगी. ये उम्मीद उनके प्रशंसकों और परिवारजनों को थी लेकिन शारदा सिन्हा जिंदगी की जंग हार गयीं और उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए. सोशल मीडिया पर भी उनके प्रशंसक उन्हें याद करके श्रद्धांजलि दे रहे हैं. खासकर छठ महापर्व के बीच में उनका इस दुनिया से जाना लोगों को अधिक रूला गया है. हालांकि शारदा सिन्हा आज भी और आने वाले दिनों में भी अपनी गीतों के माध्यम से सबके अंदर जीवित रहेंगी.

हाल में ही पति का भी हुआ था निधन

बता दें कि शारदा सिन्हा के पति का निधन हाल में हो गया था. ब्रेन हैमरेज के कारण उनका देहांत हो गया था. इसी साल दोनों ने अपनी शादी की 54वीं सालगिरह भी मनायी थी. गौरतलब है कि शारदा सिन्हा लोकप्रिय गायिका थीं और अपने गाये छठ गीतों को लेकर बिहार में वो काफी प्रसिद्ध रही हैं. संगीत में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री और पद्म विभूषण सम्मान तक मिला है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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