मानिक मल्लिक की पहल से मृतक कर्मी रतन घोष के परिजनों को मिला 15 लाख रुपये का मुआवजा
जमशेदपुर:परसुडीह के मकदमपुर निवासी रतन घोष, जो चाईबासा स्थित रुंगटा कंपनी में कार्यरत थे उनका शनिवार सुबह इलाज के दौरान निधन हो गया। बताया जाता है कि दिनांक 31 मार्च 2026 को कंपनी परिसर में किसी कारणवश हॉट वाटर टंकी में गिर जाने से वे गंभीर रूप से झुलस गए थे। घटना के बाद उन्हें तत्काल टाटा मेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां पिछले दो माह से अधिक समय से उनका इलाज चल रहा था।

शनिवार सुबह लगभग 6:30 बजे रतन घोष ने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता मानिक मल्लिक टाटा मेन हॉस्पिटल पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।

इसके बाद मानिक मल्लिक ने कंपनी के डायरेक्टर एवं संबंधित कॉन्ट्रैक्टर से वार्ता कर मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की पहल की। वार्ता के उपरांत कंपनी प्रबंधन की ओर से मृतक के परिजनों को 15 लाख रुपये का मुआवजा तथा श्राद्धकर्म के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।
मानिक मल्लिक ने कहा कि रतन घोष के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ऐसे समय में परिवार को आर्थिक सहायता मिलना आवश्यक था। उन्होंने कंपनी प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से परिवार को कुछ राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा, “मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत रतन घोष की आत्मा को शांति प्रदान करें तथा इस दुख की घड़ी में उनके परिवार को धैर्य और शक्ति दें।”
रतन घोष के निधन की खबर से मकदमपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों और शुभचिंतकों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
