
रांची: झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई शुरू की है। ED की रांची टीम ने PMLA की धारा 17 के तहत झारखंड और ओडिशा में कुल 7 ठिकानों पर एक साथ सर्च और सीजर ऑपरेशन शुरू किया है। एजेंसी की कार्रवाई के दौरान विभिन्न परिसरों में दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, ED की टीम कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य संबंधित साक्ष्यों को खंगाल रही है। जरूरत के मुताबिक अहम दस्तावेजों और सामग्री को जब्त भी किया जा रहा है। हालांकि, तलाशी अभियान पूरा होने के बाद ही जब्ती और बरामदगी का विस्तृत ब्योरा सामने आने की उम्मीद है।
सरायकेला शाखा से जुड़ा है मामला
ED की यह कार्रवाई झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक की सरायकेला शाखा में सामने आई कथित वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा बताई जा रही है। जांच के दायरे में कारोबारी संजय कुमार डालमिया और बैंक के तत्कालीन अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत के आरोप भी शामिल हैं।
आरोपों के मुताबिक, बैंक अधिकारियों और कारोबारी के बीच कथित सांठगांठ के जरिए बैंक फंड के दुरुपयोग और अनियमित तरीके से लोन से जुड़े लेनदेन किए गए। मामले की जांच पहले पुलिस और अन्य एजेंसियों के स्तर पर भी हो चुकी है।
4.14 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का भी उल्लेख
उपलब्ध अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक, मामले की जांच में करीब 4.14 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया गया है। 2024 में झारखंड हाईकोर्ट के एक आदेश में जांच से संबंधित तथ्यों का जिक्र करते हुए बताया गया था कि अलग-अलग बैंक शाखाओं से रकम ट्रांसफर किए जाने और कुछ लोन खातों में रकम समायोजित किए जाने के आरोप सामने आए थे।
यह मामला बैंकिंग लेनदेन में कथित अनियमितता और बैंक की राशि के कथित दुरुपयोग से संबंधित है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं संजय कुमार डालमिया
इस मामले से जुड़े कारोबारी संजय कुमार डालमिया की गिरफ्तारी पहले भी हो चुकी है। वर्ष 2020 की रिपोर्टों में उन्हें झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़े करीब 36 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले के मामले में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
अब ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत झारखंड और ओडिशा में की जा रही ताजा तलाशी को इसी मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और कथित धन के प्रवाह की पड़ताल के तौर पर देखा जा रहा है।
तलाशी के बाद सामने आएगा पूरा ब्योरा
फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर एजेंसी आगे की जांच कर सकती है। सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ED ने क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री जब्त की है और जांच में कौन-से नए तथ्य सामने आए हैं।
एजेंसी की ओर से तलाशी और जब्ती की कार्रवाई का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा सामने आना अभी बाकी है।




