
चेन्नई/आगरा: तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में ट्रॉली बैग के अंदर मिले महिला के शव के टुकड़ों के मामले में पुलिस जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पांच अगस्त को आगरा कैंट स्टेशन पर ट्रेन से बरामद शव की पहचान 45 वर्षीय हयातुन निशा के रूप में की गई है। चेन्नई जीआरपी की जांच में प्रथम दृष्टया मामला हत्या का सामने आया है। पुलिस को संदेह है कि हयातुन निशा की हत्या चेन्नई के गुडुवांचेरी इलाके में की गई और वारदात के बाद शव को कई टुकड़ों में काटकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई।
मामले में मणिकउद्दीन लश्कर और भगवती माझी के नाम सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक दोनों संदिग्ध फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश में कई टीमें जुटी हुई हैं।
तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में मिला था शव
घटना पांच अगस्त की सुबह करीब 5:03 बजे की है। ट्रेन संख्या 12621 तमिलनाडु एक्सप्रेस के पिछले जनरल कोच में एक लाल रंग का ट्रॉली बैग मिला था। बैग से दुर्गंध आने के बाद जांच की गई तो उसके अंदर सड़ी-गली हालत में मानव शरीर के टुकड़े बरामद हुए। शव मिलने के बाद आगरा जीआरपी ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और फॉरेंसिक जांच के लिए नमूने भेजे। जांच आगे बढ़ने पर मामले के तार चेन्नई से जुड़ते गए। इसके बाद केस को चेन्नई जीआरपी को ट्रांसफर कर दिया गया।
चेन्नई जीआरपी ने मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की। इसी क्रम में पुलिस का शक मणिकउद्दीन लश्कर और भगवती माझी पर गहराता गया।
पुलिस के अनुसार, दोनों गुडुवांचेरी के मसूथी स्ट्रीट स्थित एक किराए के मकान में रहते थे। जांच एजेंसियों ने 21 अगस्त को इस मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक बड़े बर्तन में मांस और शरीर के अन्य हिस्से मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद पुलिस को आशंका हुई कि हयातुन निशा की हत्या इसी मकान में की गई होगी।
हत्या के बाद शव के किए 18 टुकड़े
जांच में यह बात सामने आई है कि महिला की हत्या के बाद उसके शव को कथित तौर पर 18 टुकड़ों में काटा गया। पुलिस को संदेह है कि शव के अलग-अलग हिस्सों को अलग स्थानों पर ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई थी, ताकि वारदात का सुराग न मिल सके।
जीआरपी अधिकारियों के मुताबिक, मणिकउद्दीन लश्कर ने कथित तौर पर अपनी प्रेमिका भगवती माझी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। जांच में यह दावा भी सामने आया है कि शरीर के कुछ अंगों को कथित तौर पर मैदा और सब्जियों के साथ मिलाकर प्रेशर कुकर में उबाला गया था। महिला का सिर एक अलग बर्तन में मिला।
ओडिशा की रहने वाली थी हयातुन निशा
मृतका की पहचान 45 वर्षीय हयातुन निशा, पत्नी जहूर खान के रूप में हुई है। वह मूल रूप से ओडिशा के जगतसिंहपुर की रहने वाली थी। चेन्नई में वह तांबरम स्थित विजय वस्त्र में काम करती थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बनाए गए संदिग्धों में मणिकउद्दीन लश्कर असम का रहने वाला है, जबकि भगवती माझी ओडिशा की निवासी बताई जा रही है। दोनों के बीच कथित प्रेम संबंध होने की बात भी जांच में सामने आई है।
इस हत्याकांड की जांच में मृतका के 19 वर्षीय बेटे यूसुफ खान की शिकायत भी अहम कड़ी बनी। 21 अगस्त को यूसुफ अपनी मां की तलाश करते हुए गुडुवांचेरी के उसी मकान तक पहुंचा था, जहां संदिग्धों के रहने की जानकारी पुलिस को मिली।
मकान पर मां के नहीं मिलने के बाद यूसुफ ने थाने पहुंचकर उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज की। सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले और मामला हत्या की दिशा में आगे बढ़ा।
हत्या वजह का अभी नहीं हुआ खुलासा
इस सनसनीखेज हत्याकांड की सबसे बड़ी गुत्थी हत्या की वजह को लेकर बनी हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हयातुन निशा की हत्या क्यों की गई और वारदात के बाद शव के टुकड़ों को ट्रेन के जरिए आगरा तक कैसे पहुंचाया गया।
जांच टीम मोबाइल कॉल डिटेल, डिजिटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाल रही है। दोनों संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में हत्या की वजह, वारदात की पूरी योजना और शव को ठिकाने लगाने की साजिश से जुड़े कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस की कई टीमें मणिकउद्दीन लश्कर और भगवती माझी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। संदिग्धों की गिरफ्तारी इस मामले की जांच में सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है।







