
गिरिडीह/कोलकाता: कोलकाता में नौकरी कर मालिक का विश्वास जीतने के बाद लाखों रुपये के जेवरात चोरी करने वाले गिरिडीह के एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कोलकाता पुलिस ने गिरिडीह पुलिस के सहयोग से आरोपी को उसके ससुराल से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर करीब 55 लाख रुपये से अधिक कीमत के सोने के आभूषण और हीरा भी बरामद किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, गिरिडीह जिले के जमुआ क्षेत्र का रहने वाला घुपन पासवान कोलकाता में एक सेठ के यहां नौकरी करता था। वह घर में खाना बनाने के साथ-साथ दूसरे घरेलू काम भी करता था। लंबे समय तक काम करने के दौरान उसने अपने मालिक का भरोसा हासिल कर लिया।
इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए आरोपी ने कथित तौर पर घर में रखे कीमती आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद सेठ ने कोलकाता के बेनियापुकुर थाना में चोरी की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद बेनियापुकुर थाना की पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। घर से जुड़े लोगों और घटनाक्रम की जांच के दौरान पुलिस का शक सेठ के यहां काम करने वाले घुपन पासवान पर गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान घुपन ने कथित तौर पर चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस के सामने उसने यह भी बताया कि चोरी किए गए आभूषणों को उसने गिरिडीह स्थित अपने ससुराल में छिपाकर रखा है।
आरोपी के खुलासे के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने मामले की जानकारी गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार को दी और स्थानीय पुलिस से सहयोग मांगा। इसके बाद बुधवार को कोलकाता पुलिस की टीम आरोपी घुपन पासवान को अपने साथ लेकर गिरिडीह पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने पचम्बा इंस्पेक्टर ज्ञान रंजन और थाना प्रभारी राजीव कुमार को पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम को आवश्यक सहयोग देने का निर्देश दिया।
निर्देश के बाद पचम्बा पुलिस और कोलकाता पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी की निशानदेही पर गिरिडीह के कमरसाली गांव स्थित उसके ससुराल में छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण बरामद हुए। इसके अलावा टीम ने हीरे के आभूषण भी जब्त किए। बरामद सामान की अनुमानित कीमत 55 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
फिलहाल पुलिस बरामद आभूषणों का मिलान कोलकाता में दर्ज चोरी की शिकायत से कर रही है। आरोपी से आगे भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी की वारदात में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।







