झारखंड वार्ता संवाददाता
रमना (गढ़वा): रमना थाना क्षेत्र के सीरियाटोंगर गांव में झोलाछाप डॉक्टर की घोर लापरवाही एक महिला की जान ले बैठी। स्वर्गीय विश्वनाथ भुईयां की 72 वर्षीय पत्नी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने अवैध रूप से इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टर को महिला की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी और आक्रोश का माहौल है।
परिजनों के अनुसार महिला को अचानक पेट दर्द की शिकायत हुई थी। इलाज के लिए बंशीधर नगर थाना क्षेत्र के कोलझिकी पंचायत अंतर्गत कोईनि टोला निवासी कथित झोलाछाप डॉक्टर साबिर अंसारी को बुलाया गया। आरोप है कि डॉक्टर ने बिना किसी चिकित्सकीय जांच के सीधे महिला को इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनटों के भीतर महिला की हालत तेजी से बिगड़ने लगी और परिजन कुछ समझ पाते, इससे पहले ही उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना रमना थाना को दी। सूचना मिलते ही पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा खुलेआम इलाज किया जा रहा है, जिस पर प्रशासन की कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। इसी लापरवाही के कारण आए दिन लोगों की जान जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध चिकित्सकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इधर, रमना थाना प्रभारी आकाश कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल परिजनों के बयान के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गढ़वा: पेट दर्द से परेशान थी महिला, झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन लगाने के बाद मौत














