July 26, 2026

सरकारी शिक्षिका को नहीं मिली छुट्टी, गर्भ में बच्चे की मौत, डीईओ व दो लिपिकों पर एफआईआर के लिए आवेदन

1200-675-27241181-thumbnail-16x9-teacher.jpg

पलामू में सरकारी शिक्षकों की दुर्दशा

प्रतीकात्मक तस्वीर (गेटी इमेजेज)

पलामू: जिले के तरहसी स्थित सिलदलिया प्लस 2 हाई स्कूल में पदस्थापित गर्भवती सरकारी शिक्षिका भारती पांडे को मातृत्व अवकाश नहीं मिलने से गंभीर घटना घटी. कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय चैनपुर में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत भारती पांडे अंतिम माह की गर्भवती थीं. स्कूल में ही प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसके बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई.

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, रिश्वत मांगने का भी किया दावा

घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और शिक्षा विभाग के दो लिपिकों पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजनों का आरोप है कि जिला शिक्षा अधीक्षक और लिपिक ईश्वरी दयाल राम और अरुण कुमार गिरि ने छुट्टी स्वीकृत कराने के लिए 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी. भारती पांडे लगातार अधिकारियों से छुट्टी की गुहार लगा रही थीं, लेकिन उन्हें छुट्टी नहीं दी गई. उन्होंने शिक्षक संघ के नेताओं के साथ पलामू डीसी से भी मुलाकात की. डीसी ने जिला शिक्षा अधीक्षक को मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था, फिर भी छुट्टी नहीं दी जा सकी.

शिक्षिका के पति का बयान (ईटीवी भारत)

पति ने नाराजगी जताते हुए थाने में शिकायत दर्ज करायी

शिक्षिका भारती पांडे के पति मुकेश कुमार तिवारी ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण उनके बच्चे की मौत हो गयी और उनकी पत्नी अब भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है. उन्होंने मेदिनीनगर टाउन थाने में आवेदन देकर जिला शिक्षा अधीक्षक और दो लिपिकों पर कार्रवाई की मांग की है.

पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी की प्रतिक्रिया

मेदिनीनगर टाउन थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार ने बताया कि परिजनों का आवेदन मिला है और पूरे मामले में कार्रवाई की जा रही है. इधर, जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है.

इस मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर इस घटना पर लिखा और अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की. भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि पूरे मामले में अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत है, क्योंकि उनकी लापरवाही के कारण एक निर्दोष की जान चली गई है.

यह भी पढ़ें:

50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, डीएससी कार्यालय के प्रधान लिपिक व सेवानिवृत्त शिक्षक पर एसीबी ने कसा शिकंजा

रांची का खंडहर स्कूल! जर्जर भवन, जहरीले सांप और एक शिक्षक के भरोसे 95 बच्चों की पढ़ाई

Source link

ख़बर को शेयर करें।