झारखंड

संसार के साथ रहना कभी संभव ही नहीं है और परमात्मा से दूर जाना कभी संभव ही नहीं, अतः परमात्मा से मिलने का हीं प्रयास करना चाहिये – जीयर स्वामी

शुभम जायसवाल

श्री बंशीधर नगर (गढ़वा):– पूज्य संत श्री श्री 1008 श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि जैसे भगवान का आश्रय कल्याण करनेवाला है, ऐसे ही रुपये आदि उत्पत्ति-विनाशशील वस्तुओं का आश्रय पतन करनेवाला है। प्राकृत पदार्थमात्र को महत्त्व देना अनर्थ का मूल है। विश्वास भगवान पर ही करना चाहिये। उत्पत्ति – विनाशशील वस्तुओं पर विश्वास करने से धोखा ही होगा, दुःख ही पाना पड़ेगा। भगवान के साथ हमारा वियोग और संसार के साथ हमारा संयोग कभी हो ही नहीं सकता। हम संसार के साथ कभी रह ही नहीं सकते और परमात्मा से अलग कभी हो ही नहीं सकते। असत्य के संग से ही सम्पूर्ण दोषों और विषमताओं की उत्पत्ति होती है। मनुष्य ही आसक्तिपूर्वक संसार से सम्बन्ध जोड़ता है, संसार कभी सम्बन्ध नहीं जोड़ता। संसार के साथ मिलने से संसार का ज्ञान नहीं होता और परमात्मा से अलग रहने पर परमात्मा का ज्ञान नहीं होता – यह नियम है। संसारके साथ एकता और परमात्मा से भिन्नता भूल से मानी हुई है।

विनाशी से अपना सम्बन्ध मानने से अन्त:करण, कर्म और पदार्थ – तीनों ही मलिन हो जाते हैं

विनाशी से अपना सम्बन्ध मानने से अन्त:करण, कर्म और पदार्थ – तीनों ही मलिन हो जाते हैं और विनाशी से माना हुआ सम्बन्ध छूट जाने से ये तीनों ही स्वतः पवित्र हो जाते हैं। जब तक संसार से संयोग बना रहता है, तबतक भोग होता है, योग नहीं। संसार के संयोग का मनसे सर्वथा वियोग होने पर योग सिद्ध हो जाता है। अर्थात् परमात्मा से अपने स्वतः सिद्ध नित्ययोग का अनुभव हो जाता है। संसार से माने हुए सम्बन्ध का विच्छेद करने के लिए या तो मिले हुए (शरीरादि) पदार्थों को संसारका ही समझकर उनको संसार की सेवा में लगा दे या जड़ता (शरीरादि) से सम्बन्ध – विच्छेद करके अपने स्वरूप में स्थित हो जाए या फिर इन ( शरीरादि) के सहित भगवान के शरणागत हो जाएं। उत्पत्ति-विनाशशील वस्तुओं का आश्रय लेकर, उनसे सम्बन्ध जोड़कर सुख चाहनेवाला मनुष्य कभी सुखी नहीं हो सकता – यह नियम है।

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Satyam Jaiswal

सत्यम जायसवाल एक भारतीय पत्रकार हैं, जो झारखंड राज्य के रांची शहर में स्थित "झारखंड वार्ता" नामक मीडिया कंपनी के मालिक हैं। उनके पास प्रबंधन, सार्वजनिक बोलचाल, और कंटेंट क्रिएशन में लगभक एक दशक का अनुभव है। उन्होंने एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न कंपनियों के लिए वीडियो प्रोड्यूसर, एडिटर, और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने झारखंड वार्ता की शुरुआत की थी। "झारखंड वार्ता" झारखंड राज्य से संबंधित समाचार और जानकारी प्रदान करती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।

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