जमशेदपुर। सिखों के पांचवें गुरु और शहीदों के सरताज गुरु अर्जन देव जी के 401 वीं शहादत को समर्पित छबील जिला बार एसोसिएशन के सम्मानित अधिवक्ता गण के तत्वावधान में लगाई गई।

आम राहगीरों के बीच ठंडे शर्बत और चना प्रसाद का वितरण किया। माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं न्यायिक पदाधिकारीगन भी प्रसाद ग्रहण किए
यहां गुरु के प्रति नतमस्तक होने एवं सिखों के साथ सद्भावना के प्रति अमरजीत कौर विश्वास, मलकीत सिंह सैनी ,सुधीर कुमार पप्पू, राजीव सिंह सैनी, जगदीप सिंह गोल्डी ,नरेंद्र सिंह, अभय सिंह ,नंदकिशोर,लूसी,शर्ऐया, सोमा, कावेरी ,बबिता जैन,मनप्रीत सिंह सैनी, सरदार शैलेंद्र सिंह ,हरविंदर सिंह मंटू, अजीत सिंह गंभीर उत्तर प्रदेश संघ के अध्यक्ष अखिलेश दुबे एवं अन्य अधिवक्ता गण ने सेवा की।

इससे पहले बाबा जी ने समस्त जीवों के कल्याण की अरदास की। उल्लेखनीय है कि मुगल बादशाह जहांगीर के आदेश पर लाहौर में मंगोलों के यशा कानून के अनुसार गुरु महाराज को शहीद किया गया था। उन्हें गर्म लोहे के तवा पर बैठाया गया तपती रेत शरीर पर डाली गई। खौलते पानी के बड़े बर्तन में डाला गया था। उनका शरीर काला पड़ गया था और पूरा खून सुख कर काला हो गया था। फिर पार्थिव देह को रावी नदी में डाल दिया गया था। गिरफ्तार कराने वाले मंगू ब्राह्मण की बहू प्रायश्चित करने शरबत लेकर जेल पहुंची थी। गुरु जी ने अस्वीकार कर दिया था परंतु उन्हें कहा था आने वाले दिनों में तुम्हारे समर्पण की याद में शरबत अजर अमर रहेगा।









