जमशेदपुर: जुगसलाई थाना अंतर्गत कपड़ा व्यापारी के घर में घुसकर रंगदारी की खातिर फायरिंग करने वाले आधा दर्जन अपराधियों को हथियार के साथ पुलिस ने दबोच लिया है। जिन्हें बुधवार की शाम जेल भेज दिया गया है।
बता दें कि इस फायरिंग की घटना में कारोबारी बाल बाल बच गए थे।फायरिंग के मामले को लेकर जुगसलाई थाना में कपड़ा कारोबारी के बयान पर प्राथमिक की दर्ज की गई थी. पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे के सहारे अपराधियों की पहचान की थी. पता चला था कि सभी आरोपी मनीष सिंह गिरोह के हैं।
बुधवार को सिटी एसपी ललित मीणा ने पूरे मामले का प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा करते हुए बताया कि रंगदारी का पैसा नहीं देने और वर्चस्व कायम करने के लिए अपराधियों ने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था. गिरफ्तार आरोपियों ने घटना में शामिल होने की बात स्वीकारी है।
15 मई की दोपहर अपराधियों ने जुगसलाई नगर परिषद बाजार स्थित यूनिक कलेक्शन नामक कपड़ा दुकान में फायरिंग कर दहशत फैलाई थी. अपराधियों ने एक गोली चलाई थी, जिसमें कपड़ा कारोबारी दिनेश बेरिया बाल-बाल बच गए थे. कार से आए बदमाशों ने फायरिंग की. पुलिस की जांच में पता चला कि अपराधियों ने कारोबारी से रंगदारी मांगी थी. उन्होंने मना किया तो अपराधियों ने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया. पुलिस ने घटना में शामिल 5 अपराधियों को बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के रेलवे यार्ड से गिरफ्तार किया. जबकि एक की गिरफ्तारी जुगसलाई स्थित पवट मोहल्ला से हुई.
गिरफ्तार आरोपियों में अभिषेक श्रीवास्तव उर्फ आर्यन, राहुल कुमार उर्फ राहुल सिंह उर्फ बड़कू, हरप्रीत सिंह भामराह उर्फ हैप्पी, राहुल सिंह उर्फ गेटलु और अंकित सोनकर उर्फ अंकित खटीक शामिल हैं।
ये सभी जुगसलाई थाना क्षेत्र के रहने वाले है. जबकि एक आरोपी बानेश्वर नामता सरायकेला खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र का रहने वाला है. इसमें राहुल सिंह उर्फ बड़कू, हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी, बानेश्वर नामता और अंकित सोनकर के खिलाफ पहले से ही विभिन्न स्थानों में कई मामले दर्ज है.

अपराधियों के पास से चार अवैध देशी पिस्तौल भी बरामद किए गए हैं. इसके अलावा पांच गोली, तीन खाली मैगजीन, एक खोखा, घटना में प्रयुक्त कार और 6 मोबाइल भी बरामद हुआ है.
गिरफ्तार सभी आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया. गिरफ्तार 6 आरोपियों में 4 आरोपियों का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है।









