

उन्होंने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठ के नाम पर झारखंड के आदिवासियों और मूलवासियों को बांटने का प्रयास किया जा रहा है।
केंद्र सरकार के स्पेशल टास्क फोर्स के गठन का असली मकसद आदिवासी समाज को डराने और कमजोर करने का षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि भाजपा आदिवासियों के नाम पर राजनीति कर रही है, लेकिन सत्ता में रहते हुए उन्होंने कभी सरना धर्म कोड को मान्यता नहीं दी।
महासचिव विनोद पांडेय ने आगे कहा कि महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा को झारखंड सरकार को घेरने का कोई अधिकार नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा पूरी तरह केंद्र सरकार का विषय है। अगर घुसपैठ हुआ है तो इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अपनी गलती को सुधारने के लिए कदम बढ़ाना चाहिए। लेकिन अपनी गलती का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने की अपनी आदत के अनुकूल भाजपा काम करती दिख रही है।
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Akash Lohra
October 18, 2026
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