
रांची: राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंके जाने को लेकर हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। 21 अगस्त की घटना को लेकर JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की छात्रा प्रतिमा कुमारी ने कोतवाली थाना में झामुमो के आठ नामजद कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। छात्रा ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान उसके हाथ से पुतला छीनने के बाद उसके साथ धक्का-मुक्की, मारपीट, छेड़छाड़ और बदसलूकी की गई। इसके साथ ही अपशब्द कहने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
आठ लोगों को किया गया नामजद
प्रतिमा कुमारी की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने नवीन चंचल, उत्तम यादव, शाहबाज मलिक, मुस्ताक आलम, आशुतोष वर्मा उर्फ सोनू वर्मा, अंकिता वर्मा, डॉ. हेमलाल कुमार मेहता और अश्विनी शर्मा को नामजद किया है। छात्रा का दावा है कि घटना के समय मौके पर करीब 35 से 40 अन्य लोग भी मौजूद थे और उन्होंने कथित तौर पर आरोपियों का साथ दिया। शिकायत में इन अज्ञात लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत के मुताबिक, 21 अगस्त को JPSC-JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र संगठन की ओर से प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रतिमा कुमारी भी इस प्रदर्शन में शामिल थीं और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला लेकर जा रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान कुछ झामुमो कार्यकर्ताओं ने उनके हाथ से पुतला छीन लिया।
प्रतिमा के अनुसार, जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। छात्रा ने आरोप लगाया है कि इस दौरान उसके साथ छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार भी किया गया।
कई लोगों पर बदसलूकी का आरोप
शिकायत में शाहबाज मलिक पर कथित तौर पर अभद्र, अपमानजनक और धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। वहीं मुस्ताक आलम, अंकिता वर्मा, आशुतोष वर्मा, नवीन चंचल और अश्विनी शर्मा पर भी बदसलूकी करने का आरोप लगाया गया है।
प्रतिमा कुमारी ने पुलिस को बताया है कि पूरी घटना से संबंधित वीडियो और तस्वीरें उपलब्ध हैं। उनका कहना है कि इन साक्ष्यों के आधार पर मौके पर मौजूद लोगों और आरोपियों की पहचान की जा सकती है। छात्रा ने जांच में पुलिस को पूरा सहयोग देने और उपलब्ध साक्ष्य सौंपने की बात कही है।
छात्रा के समर्थन में थाना पहुंचे भाजपा नेता
मामले के सामने आने के बाद भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी छात्रा के समर्थन में कोतवाली थाना पहुंचे। इनमें नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व विधायक अमर बाउरी और पूर्व राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश समेत पार्टी के अन्य नेता शामिल रहे।
भाजपा नेताओं ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और प्राथमिकी में नामजद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
बाबूलाल मरांडी की चेतावनी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट को भी कथित घटना को लेकर झामुमो कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रदर्शनकारी के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
मरांडी ने चेतावनी दी कि यदि मजिस्ट्रेट की ओर से प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, तो भाजपा कार्यकर्ता रांची में मजिस्ट्रेट कार्यालय का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर राज्यभर में भी आंदोलन किया जाएगा।





