झारखंड

किता गांव में लगा खुशी चौपाल, महिलाएं हाथ उठा कर दी आशीर्वाद, बोलीं- हम सब आज से खुशी दूत

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सिल्ली: मंगलवार को सिल्ली के किता गांव में मूसलाधार बारिश के बीच खुशी चौपाल लगा। पूर्व उप मुखिया जगदीश चन्द्र महतो और लोटा पंचायत की पंचायत समिति सदस्य अंजना देवी ने संयुक्त रूप से संचालन किया। दूसरे सत्र में रुड़सेट ट्रेंनिग सेंटर में तकनीकी शिक्षा ले रहे छात्रों के बीच खुशी क्लास का आयोजन हुआ। लाइफ केयर हॉस्पिटल, रांची और खुशी क्लास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित खुशी चौपाल और क्लास को संबोधित करते हुए संस्थापक मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि मुश्किल और झंझावत का मुकाबला आप कभी भी तनाव में रहकर नहीं कर सकते। तनाव मुश्किलों को और बढ़ा देती है। खुशी-सकारात्मकता में इतनी ताकत है कि यह आपको हर झंझावतों से उबार कर मंजिल तक पहुंचा देगी। चौहान ने सकारात्मकता को स्थापित करती एक कहानी भी सुनाई– दुखों से घिरा एक निराश युवक नदी के पुल पर बैठा था। पुल के नीचे से स्वच्छ और चमकीले पानी को सतह तक निहार रहा था। देखता है, एक लकड़ी का पटरा, बहुत सारे बुरादे के साथ बहता आ रहा है। स्वच्छ पानी गंदा हो गया। लेकिन थोड़ी देर में पानी पटरा और बुरादे को बहा ले गया। पानी फिर पारदर्शी सा दिखने लगा। कुछ ही देर में ढेर सारे पत्ते बहते आ गए। पानी फिर गंदा हुआ। लेकिन फिर से पानी पत्तो को बहा ले गया और पानी पूर्व के भांति पारदर्शी हो गया। यह देखते- देखते युवक में ऊर्जा का संचार हुआ। खुद में सोचा- समय भी तो इसी बहते पानी की तरह है। इसमें सुख-दुख, अवसाद आदि गंदगी की तरह आ जाते हैं। समय तो इसे भी बहा ले जाएगा। फिर जिंदगी में आने वाले सुख-दुख से घबराना या इतराना कैसा ? समय तो इन्हें भी बहा ही ले जाएगा। बस कर्मभूमि में मजबूती से खड़ा रह सकारात्मकता की पतवार पकड़े जिंदादिली से जिंदगी जीनी है। क्यों..। अंत में लाइफ केयर हॉस्पिटल, रांची के खुशी दूत संदीप शाह ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए आयुष्मान भारत की सार्थकता पर भी प्रकाश डाला। किता गांव में ग्राम प्रधान धनेश्वर मुंडा, रविलाल महली, वार्ड सदस्य, सरिता देवी, श्रावणी देवी आदि मौजूद थें। जबकि रुड़सेट में निर्देशक संजीत कुमार, अनिल कुमार, जगदीश महतो, दशरथ महतो, महेश रुहीदास आदि मौजूद थें।

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Satyam Jaiswal

सत्यम जायसवाल एक भारतीय पत्रकार हैं, जो झारखंड राज्य के रांची शहर में स्थित "झारखंड वार्ता" नामक मीडिया कंपनी के मालिक हैं। उनके पास प्रबंधन, सार्वजनिक बोलचाल, और कंटेंट क्रिएशन में लगभक एक दशक का अनुभव है। उन्होंने एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न कंपनियों के लिए वीडियो प्रोड्यूसर, एडिटर, और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने झारखंड वार्ता की शुरुआत की थी। "झारखंड वार्ता" झारखंड राज्य से संबंधित समाचार और जानकारी प्रदान करती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।