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कोलकाता: सेना ने हटाया TMC के विरोध प्रदर्शन का मंच, ममता बनर्जी ने केंद्र पर लगाया आर्मी के दुरुपयोग का आरोप

On: September 1, 2025 9:59 PM
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में एक बार फिर सियासी महाभारत छिड़ गया है। इस बार विवाद की वजह बना है केंद्र सरकार की त्रिभाषा नीति के खिलाफ टीएमसी का आंदोलन और उसके लिए लगाए गए विरोध-प्रदर्शन मंच को सेना द्वारा हटाया जाना।

दरअसल, कोलकाता के मेयो रोड स्थित आर्मी ग्राउंड पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अनुमति लेकर धरना स्थल बनाया था। लेकिन सोमवार को अनुमति अवधि खत्म होने के बाद सेना के जवानों ने नियम के तहत टीएमसी के मंच को ध्वस्त कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद घटनास्थल पर पहुंच गईं और केंद्र सरकार पर जमकर बरसीं।

ममता का केंद्र पर हमला

सीएम ममता बनर्जी ने कहा— “यह अनैतिक, असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक कदम है। बीजेपी सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। सेना का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है। हमने अनुमति ली थी, शुल्क और जमानत राशि भी जमा की थी। फिर भी हमारे शांतिपूर्ण भाषा आंदोलन को तोड़ा गया। यह बंगाल की आवाज़ को दबाने की कोशिश है।”

उन्होंने आगे कहा कि बंगाल ने हमेशा भारतीय सेना का सम्मान किया है, लेकिन भाजपा अपने स्वार्थ के लिए सेना की छवि को खराब कर रही है। ममता ने साफ संदेश दिया कि यह आंदोलन खत्म नहीं होगा, उन्होंने कहा, “हमारे लोगों के अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए बंगाल लड़ेगा और विजयी होगा।”


रक्षा मंत्रालय का पक्ष

वहीं रक्षा मंत्रालय ने ममता बनर्जी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मंत्रालय के प्रवक्ता हिमांशु तिवारी ने बताया, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, कोलकाता में स्थानीय सैन्य अधिकारी किसी भी कार्यक्रम के लिए केवल तीन दिनों की अनुमति दे सकते हैं। तीन दिनों से अधिक अवधि के लिए रक्षा मंत्रालय से अलग से मंजूरी लेनी होती है। इस कार्यक्रम के लिए अगस्त की शुरुआत में ही तीन दिन की अनुमति दी गई थी। लेकिन मंच एक महीने से ज्यादा समय तक वहीं खड़ा रहा। लिहाज़ा नियमों का पालन करते हुए सेना ने उसे हटाया।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद बंगाल की राजनीति गरमा गई है। टीएमसी ने इसे भाजपा की “तानाशाही नीति” बताया है, जबकि भाजपा का कहना है कि ममता बनर्जी जनता को गुमराह कर रही हैं और सेना का अपमान कर रही हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में “त्रिभाषा नीति” और इस विवाद को लेकर बंगाल की राजनीति और ज्यादा गरमा सकती है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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