

रांची:- माननीय राज्यपाल श्री सी०पी० राधाकृष्णन ने आज मोरहाबादी, रांची में झारखंड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड और ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय खादी एवं सरस महोत्सव’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि खादी हमारे देश की ग्राम-आधारित रोजगार और स्वदेशी भावना का प्रतीक है। यह स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान एवं स्वाभिमान का प्रतीक है। उपनिवेशवाद से मुक्ति एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों का प्रतीक है। पूज्य बापू की परिकल्पना थी की प्रत्येक गाँव आत्मनिर्भर हो। खादी गाँवों की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। ग्रामीण विकास के सपनों को पूरा करने के लिए इसे जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है। खादी के जन-जन तक पहुँचने से गाँव आत्मनिर्भर होंगे और आर्थिक रूप से सशक्त होंगे। महिलाओं का भी सशक्तिकरण होगा।
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Akash Lohra
October 18, 2026
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