
रांची: झारखंड के चतरा विधानसभा क्षेत्र से लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ कुमार के कथित अपहरण और मारपीट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रांची पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को कोलकाता से गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रौनक सिंह राजपूत, प्रकाश गुप्ता, आयुष कुमार, प्रीतम और ज्ञानदीप के रूप में हुई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर घटना में शामिल अन्य युवकों की भूमिका और पूरे विवाद की वजह का पता लगाने में जुटी है।
अमिटी यूनिवर्सिटी के गेट के पास हुआ विवाद
घटना 7 सितंबर की बताई जा रही है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, सौरभ कुमार रांची स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के गेट के पास अपने दोस्तों अमरदीप दुबे, अनमोल और रविशंकर के साथ खड़े थे। इसी दौरान सौरभ के दोस्त अमरदीप दुबे की अपने जूनियर छात्र लक्की राज से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद लक्की राज ने फोन कर कुछ बाहरी युवकों को मौके पर बुला लिया। कुछ देर बाद दो काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार करीब 10 से 12 युवक वहां पहुंचे और मारपीट शुरू कर दी।
डंडों से पिटाई के बाद जबरन गाड़ी में बैठाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने सौरभ कुमार के साथ डंडों से मारपीट की और उन्हें जबरन एक स्कॉर्पियो में बैठाकर वहां से ले गए। सौरभ का आरोप है कि चलती गाड़ी में भी उनके साथ मारपीट की गई और उनका गला दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने हमलावरों पर मोबाइल फोन और करीब 20 ग्राम वजन की सोने की चेन छीनने का भी आरोप लगाया है।
सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
सौरभ के अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने एमिटी यूनिवर्सिटी और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने घटना के करीब दो घंटे के भीतर सौरभ कुमार को सकुशल बरामद कर लिया था। उन्हें विधानसभा थाना क्षेत्र से बरामद किया गया।
कोलकाता तक पहुंची पुलिस की जांच
सौरभ की बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले में शामिल आरोपियों की तलाश तेज कर दी। जांच के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम कोलकाता पहुंची, जहां से पांच संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वारदात में कुल कितने लोग शामिल थे, सौरभ को कथित तौर पर क्यों अगवा किया गया और घटना के पीछे विवाद की वास्तविक वजह क्या थी। पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई जारी है।





