
गढ़वा: झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान गढ़वा जिले में ईरानी मूल के परिवारों से जुड़ा मामला सामने आया है। गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर-1 और 3 के सोनपुरवा मोहल्ला, रेलवे लाइन पार रहने वाले कुछ परिवारों के नाम SIR के दौरान मतदाता सूची में सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।
मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारी फिलहाल इस संबंध में खुलकर बयान देने से बच रहे हैं। वहीं, संबंधित परिवारों के बीच भी कार्रवाई और जांच को लेकर बेचैनी का माहौल बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, SIR के दौरान संबंधित परिवारों के नाम मतदाता सूची में पाए जाने के बाद प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि उनके नाम मतदाता सूची में किस आधार पर और किस प्रक्रिया के तहत शामिल किए गए।
इसके साथ ही संबंधित लोगों की नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता कर रहा है कि क्या इन परिवारों को केंद्र या राज्य सरकार की किसी योजना अथवा सरकारी सुविधा का लाभ मिला है।
बताया जा रहा है कि शनिवार को अंचल कार्यालय की टीम सोनपुरवा मोहल्ले पहुंची और संबंधित परिवारों की जमीन एवं संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। जांच के दौरान सामने आया कि संबंधित जमीन रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदी गई है।
इन जमीनों पर मकान बने होने के साथ-साथ उनके म्यूटेशन की भी जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि संबंधित संपत्तियों के लिए नियमित रूप से सरकारी राजस्व रसीद भी काटी जा रही है।
हालांकि, जमीन की रजिस्ट्री, म्यूटेशन या राजस्व रसीद का होना अपने आप में भारतीय नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं है। इसलिए प्रशासन अब दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर पूरे मामले की तह तक जाने में जुटा है।
फिलहाल जांच का सबसे अहम बिंदु संबंधित लोगों की वास्तविक नागरिकता की स्थिति है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि संबंधित परिवारों के पास नागरिकता से जुड़े कौन-कौन से दस्तावेज हैं और किन दस्तावेजों के आधार पर उनके नाम मतदाता सूची में कैसे दर्ज हुए।
इसके अलावा सरकारी योजनाओं और अन्य सरकारी सुविधाओं से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी खंगाल रहा है कि संबंधित लोगों को यदि किसी सरकारी योजना का लाभ मिला है, तो किस दस्तावेज और पात्रता के आधार पर उन्हें इसका लाभ दिया गया।





