July 26, 2026

हजारीबाग: जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर धरना, उपायुक्त को सौंपा गया ज्ञापन

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हजारीबाग:-विश्व जनसंख्या दिवस पर जनसंख्या समाधान फाउंडेशन हज़ारीबाग़ द्वारा भारत में जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना एवं ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में कहा गया कि जिस तरह से देश में जनसंख्या का विस्फोट हो रहा है और एक खास वर्ग और विशेष समुदाय द्वारा 4 शादी 14 बच्चे की एकमात्र योजना एवं एक ही उद्देश्य से कार्य किया जा रहा है।

भारत में संसाधनों की कमी होते जा रही है और दिन प्रतिदिन जनसंख्या बढ़ रही है, ऐसे में भारत की संस्कृति एवं अखंडता को अक्षुण्ण रखने की कामना करने वाले सभी लोग जनसंख्या में वर्गीय असंतुलन को लेकर अत्यंत चिंतित हैं। पूर्व में धार्मिक आधार पर विभाजित हो चुके देशों में कुल प्रजनन दर चिंता का विषय है। जनसांख्यिकीय असंतुलन के कारण भारत पल-प्रतिपल घोर खाद्यान संकट और महंगाई की ओर अग्रसर होने का स्पष्ट रूप से संकेत दे रहा है।


विश्व में सर्वप्रथम परिवार नियोजन कार्यक्रम 1952 में प्रारम्भ करने वाले भारत में आबादी सुरसा के मुंह की तरह बढ़कर 143 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी।


संयुक्त राष्ट्र की विश्व जनसंख्या संभावना 2022 के अनुसार, 1950 में भारत की जनसंख्या 86.1 करोड़ थी जबकि चीन की जनसंख्या 114.4 करोड़ थी। भारत की आबादी 2050 तक बढ़कर 166.8 करोड़ होने की उम्मीद है, जबकि चीन की जनसंख्या घटकर 131.7 करोड़ हो सकती है।


आबादी का भार वहन कर रहे भारत में जनसंख्या विस्फोट से उत्पन्न संसाधन, सामाजिक, पारिवारिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय संकट तथा जनसांख्यिकीय असंतुलन के कारण पल-प्रतिपल गृह युद्ध की आशंका बढ़ रही है। इस समस्या पर कुशल एवं प्रभावी नियंत्रण की जरूरत है।


जनसंख्या नियंत्रण कानून विषयक मांग-पत्र पर 2018 में 125 सांसदों का लिखित समर्थन मिल चुका है। 9 अगस्त 2018 को तत्कालीन राष्ट्रपति से भेंट कर चर्चा के उपरान्त ज्ञापन भी सौंपा गया था।

आज ज्ञापन देने के दौरान जिला अध्यक्ष नंदकिशोर मेहता, अमरदीप यादव, पंकज कुमार मेहता, राजेश यादव, ज्योत्सना देवी, रेखा सिंह, नगीना तिवारी, लीलावती देवी, शिवशंकर मेहता, मंशा देवी, राजा राजदेव, वीणा देवी, राजकुमार, सुमित कुमार समेत कई लोग उपस्थित थे।

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