
नई दिल्ली/रांची: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और झारखंड एटीएस ने संयुक्त अभियान चलाकर पाकिस्तान से संचालित एक पैन-इंडिया आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में नेटवर्क के सरगना अशहर दानिश को रांची से गिरफ्तार किया गया। दानिश को संगठन में “गजवा लीडर” और कोड नेम सीईओ दिया गया था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि वह भारत में खिलाफत घोषित करने और बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था।
6 महीने से पुलिस को मिल रहे थे इनपुट
दिल्ली पुलिस के एडिशनल कमिश्नर प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि पिछले 6-7 महीनों से इस नेटवर्क की गतिविधियों के बारे में लगातार इनपुट मिल रहे थे। इसके बाद दिल्ली, झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना और मध्यप्रदेश में एक साथ छापेमारी की गई।
पांच आतंकी गिरफ्त में
संयुक्त कार्रवाई में कुल 5 संदिग्ध आतंकी पकड़े गए –
झारखंड से 1 (दानिश)
दिल्ली से 2 (दोनों मुंबई निवासी)
तेलंगाना से 1
मध्यप्रदेश के राजगढ़ से 1
बरामदगी: हथियार से लेकर विस्फोटक सामग्री तक
आतंकियों के पास से बड़ी मात्रा में सल्फर पाउडर, एसिड, बॉल बेयरिंग्स, आईईडी बनाने के उपकरण, सर्किट्स, मदरबोर्ड, मास्क, ग्लब्स, हथियार और कारतूस बरामद हुए। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह नेटवर्क पाकिस्तान बेस्ड हैंडलर्स से लगातार टास्क लेकर भारत में ब्लास्ट की तैयारी कर रहा था।
दानिश को दी गई थी आईईडी जिम्मेदारी
पकड़े गए आतंकियों की पहचान अशहर दानिश, सुफियान अबुबकर खान, आफताब अंसारी, हुजैफा यामन और कमरान कुरैशी के रूप में हुई है। बोकारो निवासी दानिश के जिम्मे था आईईडी बम बनाने के लिए रॉ मटेरियल जुटाना। पूछताछ में पता चला कि पाकिस्तान से सीधे उसी को निर्देश मिल रहे थे। वहीं, दिल्ली से पकड़ा गया आतंकी आफताब हथियार खरीदने की जिम्मेदारी निभा रहा था। पुलिस ने बताया कि ये आतंकी पाकिस्तान के हैंडलर के संपर्क में थे, जो उन्हें हथियार बनाने के तरीके और तस्वीरें भेजते थे। हैंडलर पहले रॉ मटीरियल जुटाने के निर्देश देता था, फिर उनसे आईईडी बनवाने की योजना बनाता था। आफताब को हथियार सौंपा गया था, जिसे लेकर वह दिल्ली पहुंचा था लेकिन कुछ करने से पहले ही पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर उसका साथी सुफियान और फिर ग्रुप का पांचवां सदस्य हुजैफा भी गिरफ्तार हो गया।
‘खिलाफत’ के नाम पर भारत को दहलाने की साजिश
जांच में सामने आया है कि सभी आतंकी देश के कई शहरों को चिह्नित कर चुके थे। योजना थी कि पहले वहां माहौल तैयार कर खिलाफत का ऐलान किया जाए और उसके बाद सिलसिलेवार आतंकी हमले किए जाएं। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें यह तक सिखाया गया था कि संगठन की जानकारी घरवालों या करीबियों तक न पहुंचाई जाए।
रांची से हुई गिरफ्तारी
दानिश रांची के इस्लामनगर स्थित तबारक लॉज से गिरफ्तार हुआ। वह यहां कोडरमा के एक छात्र के साथ किराए पर रह रहा था। लॉज संचालक और आसपास के लोगों ने बताया कि दानिश बेहद शांत स्वभाव का था और ज्यादातर समय कमरे में ही गुजारता था।
समय रहते बड़ी साजिश नाकाम
दिल्ली पुलिस और झारखंड एटीएस की इस कार्रवाई ने पाकिस्तान हैंडल्ड इस पूरे मॉड्यूल को स्ट्राइक से पहले ही ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि अगर यह नेटवर्क सक्रिय हो जाता तो देशभर में बड़े पैमाने पर धमाकों की घटनाएं हो सकती थीं।





