
पलामू: जिले के मनातू प्रखंड अंतर्गत बंसी खुर्द पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय बंसी खुर्द में एक छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि विद्यालय में सीनियर बच्चों ने गाना नहीं सुनाने पर छात्र के साथ मारपीट की, जिससे उसके हाथ में गंभीर चोट आई और हाथ टूट गया। घटना को लेकर छात्र के परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
पीड़ित छात्र राम कुमार (7) के अनुसार, घटना के समय विद्यालय के शिक्षक कार्यालय में बैठे हुए थे, जबकि कक्षा में सीनियर बच्चे पढ़ा रहे थे। इसी दौरान सीनियर बच्चों ने उससे गाना सुनाने को कहा। छात्र के गाना नहीं सुनाने पर उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। छात्र का आरोप है कि घटना की जानकारी जब उसने विद्यालय के शिक्षकों को दी, तो उसे डांटकर घर भेज दिया गया।
घर पहुंचने के बाद राम कुमार ने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक धीरेंद्र रजक को घटना के बारे में बताया। छात्र को उपचार के लिए तरहसी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे मेदिनीनगर सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में छात्र का उपचार कराया गया।
छात्र के परिजनों का आरोप है कि विद्यालय में हुई मारपीट की घटना को गंभीरता से लेने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया गया। परिजनों ने विद्यालय में शिक्षकों की मौजूदगी और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि कक्षा में शिक्षक की निगरानी रहती तो इस तरह की घटना नहीं होती।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता के निर्देश पर रविवार को मनातू के विधायक प्रतिनिधि उदेश यादव बंसी खुर्द पहुंचे। उन्होंने पीड़ित छात्र और उसके परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक धीरेंद्र रजक से भी पूरे मामले के संबंध में जानकारी ली।
इधर, विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक धीरेंद्र रजक ने छात्र के साथ मारपीट की घटना से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में इस प्रकार की कोई घटना नहीं हुई है। छात्र को हल्की चोट लगी थी, जिसका उपचार कराया गया है।
प्रधानाध्यापक ने विद्यालय में सीनियर बच्चों के भरोसे कक्षा संचालित किए जाने के आरोप को भी निराधार बताया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की मौजूदगी रहती है और बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था के अनुसार ही संचालित की जाती है।
इस घटना को लेकर पीड़ित पक्ष और विद्यालय प्रबंधन के दावों में अंतर है। एक ओर छात्र और उसके परिजन मारपीट में हाथ टूटने तथा विद्यालय प्रबंधन द्वारा घटना को दबाने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक ने मारपीट की घटना से इनकार किया है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







