
चाईबासा: चाईबासा स्थित उपायुक्त कार्यालय में समाजसेवी दुवारिका शर्मा एवं समीर पाल द्वारा संयुक्त रूप से एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन के माध्यम से चाईबासा एवं पश्चिमी सिंहभूम जिले में बीमार, घायल, बेसहारा एवं सड़क दुर्घटनाओं में घायल गौवंशीय पशुओं के समुचित उपचार, रेस्क्यू एवं संरक्षण के लिए एक स्थायी गौशाला एवं गौ रेस्क्यू सेंटर स्थापित करने की मांग की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि चाईबासा एवं आसपास के क्षेत्रों में कई गौवंशीय पशु सड़क पर बेसहारा अवस्था में घूमते रहते हैं। इनमें से अनेक गौ माता बीमार, घायल अथवा दुर्घटना का शिकार हो जाती हैं। समय पर उपचार एवं सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था नहीं होने के कारण कई बेजुबान पशुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और कई बार उचित देखभाल के अभाव में उनकी मृत्यु तक हो जाती है।
इसके अलावा, तस्करी से मुक्त कराए गए अथवा प्रशासन द्वारा जब्त किए गए गौवंशीय पशुओं को सुरक्षित रूप से रखने के लिए भी पर्याप्त एवं स्थायी व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
समाजसेवी दुवारिका शर्मा एवं समीर पाल ने उपायुक्त महोदय से मांग की है कि जनहित एवं पशु कल्याण को ध्यान में रखते हुए चाईबासा अथवा आसपास के उपयुक्त क्षेत्र में लगभग एक एकड़ भूमि गौशाला एवं गौ रेस्क्यू सेंटर की स्थापना के लिए उपलब्ध कराने का प्रावधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि भूमि उपलब्ध कराई जाती है तो समाजसेवियों एवं गौसेवकों के सहयोग से एक व्यवस्थित केंद्र स्थापित कर बीमार एवं घायल गौवंशीय पशुओं का रेस्क्यू, उपचार, भोजन, पानी, देखभाल एवं सुरक्षित संरक्षण की व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा।
दुवारिका शर्मा ने कहा कि बेजुबान पशुओं की सेवा एवं सुरक्षा हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है। सड़क पर बीमार और घायल अवस्था में पड़े गौवंशीय पशुओं को समय पर सहायता एवं सुरक्षित स्थान मिलना अत्यंत आवश्यक है।
वहीं समीर पाल ने कहा कि एक स्थायी गौशाला एवं रेस्क्यू सेंटर की स्थापना से न केवल बेसहारा एवं घायल गौवंशीय पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिलेगा, बल्कि सड़क पर घूमने वाले पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने में भी सहायता मिलेगी।
दोनों समाजसेवियों ने जिला प्रशासन से इस जनहित एवं पशु कल्याण से जुड़े विषय पर सकारात्मक एवं शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है।






