
मुंबई: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग में Drug Inspector, Group-B पदों पर भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है।
यह फैसला 22 मार्च 2026 को आयोजित स्क्रीनिंग परीक्षा के प्रश्नपत्र के कथित लीक होने की जांच के बाद लिया गया है। परीक्षा का परिणाम जुलाई में जारी किया गया था और इसके बाद इंटरव्यू की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी। इसी बीच पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद आयोग ने पूरी भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी।
मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, इस मामले की जांच के दौरान अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
ब्रेकअप के बाद सामने आया पेपर लीक का राज
क्राइम ब्रांच की जांच में इस मामले में गौरव पाटिल का नाम सामने आया है। पुलिस के अनुसार, गौरव का ऋतुजा पाटिल नाम की एक युवती से संबंध था। आरोप है कि ऋतुजा को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र मिला था, जिसे उसने गौरव के साथ शेयर किया था।
बाद में दोनों के बीच विवाद हुआ और उनका ब्रेकअप हो गया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद गौरव ने कथित पेपर लीक की जानकारी MPSC को दी। आयोग ने गौरव से मिली जानकारी के आधार पर मुंबई पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई।
पिता ने 5 लाख रुपये देकर हासिल किया था पेपर
जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि ऋतुजा को स्क्रीनिंग परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र मिल गया था। पुलिस के अनुसार, उसके पिता ने प्रश्नपत्र हासिल करने के लिए बिचौलिए प्रवीण पाटील को 5 लाख रुपये एडवांस दिए थे। प्रवीण पाटील नंदुरबार शहर में कोचिंग संस्थान चलाता है और ऋतुजा उसी संस्थान में पढ़ाई कर रही थी। आरोप है कि इसी माध्यम से उसे परीक्षा का प्रश्नपत्र मिला। बाद में उसने यह प्रश्नपत्र अपने बॉयफ्रेंड गौरव को भी भेजा।
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा के बाद ऋतुजा ने कथित तौर पर कोचिंग संस्थान में फोन कर बताया था कि उसे करीब 90 सवालों के जवाब पता थे, लेकिन उसने शक से बचने के लिए केवल 78 सवालों के सही जवाब दिए।
सूत्रों के अनुसार, जानबूझकर कम सवाल हल करने का उद्देश्य चयन प्रक्रिया में किसी तरह का संदेह पैदा होने से बचना था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट और अदालत की कार्यवाही के आधार पर ही मानी जाएगी।
इस पूरे मामले को आगे बढ़ाने में सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो की भी भूमिका बताई जा रही है। गौरव ने एक अन्य अभ्यर्थी गंगुर्डे का वीडियो देखा था, जिसमें MPSC की चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए थे। गंगुर्डे ने बिना अंक बताए कैटेगरी के आधार पर अभ्यर्थियों की सूची जारी किए जाने पर सवाल उठाया था। उन्होंने यह भी पूछा था कि अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए किस आधार पर बुलाया गया। वीडियो देखने के बाद गौरव ने गंगुर्डे से संपर्क किया और दोनों की मुलाकात भी हुई। इसके बाद मामले से जुड़ी जानकारी जांच एजेंसियों तक पहुंची।







