
चेन्नई: पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से जुड़े 100 करोड़ रुपये के मानहानि मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने उनसे जवाब मांगा है। सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार की ओर से दायर तीन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने धोनी को 9 अक्टूबर 2026 तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई भी इसी दिन होगी।
यह विवाद वर्ष 2013 के आईपीएल सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग से जुड़े आरोपों से जुड़ा है। वर्ष 2014 में धोनी ने कथित मानहानिकारक बयानों को लेकर जी. संपत कुमार और अन्य के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट में 100 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
टीवी बहस के बाद शुरू हुआ था विवाद
मामले की पृष्ठभूमि 2013 के आईपीएल सट्टेबाजी विवाद से जुड़ी है। संपत कुमार ने एक निजी टेलीविजन बहस के दौरान कथित तौर पर ऐसे बयान दिए थे, जिनमें धोनी का नाम इस विवाद से जोड़े जाने को लेकर आरोप लगाए गए थे। इसके बाद धोनी ने अदालत का रुख करते हुए अपने खिलाफ दिए गए कथित मानहानिकारक बयानों पर आपत्ति जताई थी।
अब मामले की सुनवाई में धोनी की गवाही दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर नया विवाद सामने आया है। हाई कोर्ट ने पहले अधिवक्ता जी. जयश्री को धोनी का साक्ष्य रिकॉर्ड करने के लिए कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया था। इसी व्यवस्था और गवाही दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर संपत कुमार ने नई याचिकाएं दायर की हैं।
गवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग समेत कई मांगें
संपत कुमार की याचिकाओं में धोनी के बयान की रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया की निगरानी के लिए न्यायिक अधिकारी नियुक्त करने की मांग की गई है। इसके साथ ही गवाही और उससे संबंधित पूरी कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने तथा उसकी बिना संपादन वाली प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी मांग की गई है कि धोनी का बयान किसी पांच सितारा होटल या निजी परिसर में दर्ज न कराया जाए। इसके बजाय बयान अदालत परिसर या किसी सरकारी भवन में दर्ज कराने की मांग की गई है।
सीडी की ट्रांसक्रिप्शन और अनुवाद पर भी हुआ था आदेश
मामले में अदालत के समक्ष पेश किए गए सीडी दस्तावेजों की ट्रांसक्रिप्शन और अनुवाद की प्रक्रिया को लेकर भी पहले आदेश जारी हो चुका है। फरवरी 2026 में मद्रास हाई कोर्ट ने संबंधित दस्तावेजों की ट्रांसक्रिप्शन और अनुवाद की लागत के लिए धोनी को 10 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया था। अदालत ने इस प्रक्रिया को काफी समय लेने वाला बताया था।
अब संपत कुमार की नई याचिकाओं पर धोनी का जवाब दाखिल होने के बाद हाई कोर्ट मामले में आगे की कार्यवाही पर विचार करेगा। 9 अक्टूबर 2026 की सुनवाई में गवाही दर्ज करने की प्रक्रिया और याचिकाओं में उठाई गई मांगों पर आगे की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।







