
धनबाद: बरवाअड्डा थाना परिसर में डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों तथा बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों के बीच हुई झड़प के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। थाना प्रभारी रवि कुमार की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में विधायक जयराम महतो समेत 10 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा 40 से 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित अन्य आरोपों के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की प्राथमिकी के अनुसार, दिलीप चौधरी ने सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण के दौरान पुलिस हिरासत में लिये गये गणेश दास के साथ कथित तौर पर मारपीट किए जाने की बात कही थी। पुलिस का आरोप है कि इस प्रसारण के बाद लोगों के बीच अफवाह फैल गयी और बड़ी संख्या में लोग बरवाअड्डा थाना पहुंच गए।
शिकायत में बताया गया है कि भीड़ थाना परिसर के अंदर प्रवेश कर गयी और वहां हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान कुछ लोग थाना हाजत में बंद गणेश दास तक भी पहुंच गये। पुलिस के मुताबिक, भीड़ के इस तरह थाना परिसर में प्रवेश करने और हंगामे के कारण सरकारी कार्य प्रभावित हुआ।
थाना प्रभारी रवि कुमार ने प्राथमिकी में घटना का पूरा विवरण देते हुए कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस थाना परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज की भी जांच कर रही है। फुटेज और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी मामले में आरोपी बनाया जा सकता है।
पूरा विवाद बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी की शिकायत से शुरू हुआ। मुखिया ने गांव के गणेश दास पर कथित तौर पर उनके फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का इस्तेमाल कर जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली तैयार कराने का आरोप लगाया था। इस मामले में बरवाअड्डा थाना में पहले से प्राथमिकी दर्ज की गयी थी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर गणेश दास को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। इसी दौरान गणेश दास को पुलिस हिरासत में लिये जाने की जानकारी मिलने पर डुमरी विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे।
विधायक पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि पुलिस हिरासत में गणेश दास के साथ मारपीट की गई है। इसी मुद्दे को लेकर विधायक और उनके समर्थक थाना पहुंचे थे। कुछ ही देर में मुखिया यशोदा देवी के समर्थक भी थाना परिसर में पहुंच गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद पहले कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और स्थिति धक्का-मुक्की तथा मारपीट तक पहुंच गई। थाना परिसर में अचानक हुए हंगामे से पुलिस को भी स्थिति संभालने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना के बाद विवाद ने कानूनी रूप ले लिया है। दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को अलग-अलग शिकायतें दी गयी हैं। जानकारी के अनुसार, मुखिया पक्ष की शिकायत के आधार पर भी विधायक जयराम महतो और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
वहीं, विधायक जयराम महतो की ओर से भी मुखिया पक्ष के लोगों पर मारपीट और छिनतई का आरोप लगाते हुए शिकायत दी गयी है। इस मामले में भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। थाना परिसर में लगे CCTV फुटेज, शिकायतों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर घटना में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके नाम भी प्राथमिकी में जोड़े जा सकते हैं।







