
मझिआंव: मझिआंव प्रखंड के बरडीहा थाना क्षेत्र में इलाज के दौरान 17 वर्षीय किशोर की मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान विशुनपुरा गांव निवासी गणेश पाल के पुत्र अनोज कुमार पाल (17) के रूप में हुई है। परिजनों ने बरडीहा बाजार स्थित एक दवा दुकान के संचालक के पुत्र पर कथित तौर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, अनोज कुमार पाल सोमवार को बरडीहा थाना क्षेत्र के जीका गांव स्थित अपने नाना देवनाथ पाल के घर आया था। इसी दौरान उसे बुखार की शिकायत हुई। इसके बाद उसका मामा दिनेश पाल उसे इलाज के लिए बरडीहा बाजार स्थित प्रज्ञा ड्रग स्टोर ले गया।
मृतक के मामा दिनेश पाल के अनुसार, दवा दुकान पर मौजूद संचालक नरेश प्रसाद के पुत्र शशि प्रसाद ने अनोज को इंजेक्शन लगाया। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन नस में लगाए जाने के तुरंत बाद किशोर की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा।
दिनेश पाल का दावा है कि उन्होंने नस में इंजेक्शन लगाने से मना किया था और कमर में इंजेक्शन लगाने की बात कही थी, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। इंजेक्शन लगने के बाद जब अनोज की हालत गंभीर हो गई तो परिजन आनन-फानन में उसे मोटरसाइकिल से बरडीहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद चिकित्सक ने किशोर की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए मझिआंव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन अनोज को लेकर मझिआंव पहुंचे। मझिआंव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जांच के बाद अनोज को मृत घोषित कर दिया। किशोर की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद मझिआंव थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, किशोर की मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और मामले की जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
इधर, किशोर की मौत के बाद उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, घटना के बाद बरडीहा बाजार स्थित संबंधित दवा दुकान बंद बताई जा रही है और दुकान संचालक पक्ष के लोगों के नदारद होने की जानकारी है।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है। किशोर की मौत वास्तव में इंजेक्शन लगाने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय कारण था, इसका खुलासा जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।






