नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र गुरुवार को उस वक्त बेहद हंगामेदार हो गया, जब लोकसभा में भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल यानी VB-G Ram G पर चर्चा चल रही थी। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के जवाब के दौरान विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की और सदन के वेल में पहुंचकर विरोध जताया। विपक्ष ने सरकार पर महात्मा गांधी का अपमान करने और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के प्रावधानों को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
विपक्षी सांसदों ने बिल की प्रतियां फाड़कर सदन में फेंक दीं, जिससे कुछ देर के लिए लोकसभा की कार्यवाही बाधित रही। हालांकि, भारी हंगामे के बावजूद सरकार ने इस बिल को ध्वनि मत से पारित करा लिया।
शिवराज सिंह चौहान का कांग्रेस पर तीखा हमला
बिल पर जवाब देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी महात्मा गांधी की बातों को गंभीरता से नहीं लिया। हम गांधीजी को मानते हैं और उनके विचारों से प्रेरणा लेते हैं।
शिवराज सिंह ने गांधीजी का हवाला देते हुए कहा कि आज़ादी के बाद बापू ने खुद कांग्रेस को भंग करने की बात कही थी, लेकिन कांग्रेस ने उनकी बात नहीं मानी।
कश्मीर और संविधान पर भी दिया बयान
केंद्रीय मंत्री ने अपने भाषण में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिस दिन कश्मीर को विशेष दर्जा दिया गया, उसी दिन संविधान की आत्मा को चोट पहुंचाई गई।
उन्होंने दावा किया कि मौजूदा मोदी सरकार ने संवैधानिक मूल्यों को मजबूत किया है और देश की एकता को सर्वोपरि रखा है।
मनरेगा को लेकर कांग्रेस पर भ्रष्टाचार का आरोप
शिवराज सिंह चौहान ने मनरेगा को लेकर भी कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मनरेगा भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया था। हमारी सरकार ने मनरेगा की कई कमियों को दूर किया है और पारदर्शिता सुनिश्चित की है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसी के साथ भेदभाव नहीं करती और पूरे देश को एक परिवार की तरह देखती है।
कांग्रेस के मुंह में राम, बगल में छुरी – शिवराज
अपने भाषण के दौरान शिवराज सिंह ने कांग्रेस पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, कांग्रेस के मुंह में राम होता है और बगल में छुरी। उनकी कथनी और करनी में हमेशा अंतर रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि VBG Ram G बिल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को मजबूत करना है और सरकार का दृष्टिकोण संकीर्ण नहीं, बल्कि समावेशी है।
हंगामे के बावजूद बिल पास
लगातार हंगामे और विरोध के बीच लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश पर मतदान कराया गया, जिसमें VBG Ram G बिल ध्वनि मत से पारित हो गया। सरकार ने इसे ग्रामीण भारत के लिए एक बड़ा सुधारात्मक कदम बताया है।
लोकसभा से पास हुआ ‘जी राम जी’ बिल, विपक्ष ने किया जोरदार हंगामा











