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हजारीबाग सेंट्रल जेल से फरार 3 कैदी गिरफ्तार, पुलिस ने महाराष्ट्र से दबोचा

On: January 11, 2026 6:58 PM
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हजारीबाग: जिले में स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा से फरार हुए तीनों कैदियों को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हजारीबाग पुलिस की विशेष टीम ने महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करमाला थाना क्षेत्र से तीनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में पुनः हजारीबाग केंद्रीय कारा भेज दिया गया है।


हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने बताया कि फरार कैदियों की पहचान देव भुईयां, राहुल रजवार और जितेंद्र रवानी के रूप में हुई है। तीनों धनबाद जिले के निवासी हैं और पोक्सो एक्ट के मामलों में दोषी ठहराए गए थे। इनमें राहुल रजवार आजीवन कारावास की सजा काट रहा था, जबकि अन्य दो को क्रमशः 20 वर्ष और 27 वर्ष की सजा सुनाई गई थी।


31 दिसंबर की रात रची गई थी फरारी की साजिश


जानकारी के अनुसार, 31 दिसंबर की रात करीब 1:30 बजे तीनों कैदियों ने जेल से फरार होने की वारदात को अंजाम दिया। इसकी सूचना सुबह करीब 7:00 बजे हजारीबाग पुलिस को मिली। जांच में सामने आया कि तीनों ने जेल की खिड़की का रॉड काटा और बेडशीट को आपस में जोड़कर एक अस्थायी रस्सी बनाई। इसी रस्सी के सहारे वे नीचे उतरे और जेल की आंतरिक दीवार को लांघते हुए फरार हो गए।


पुलिस के मुताबिक, जेल परिसर में मौजूद एक शैडो एरिया को तीनों ने पहले से चिन्हित कर रखा था और उसी स्थान से वे दीवार फांदकर बाहर निकलने में सफल रहे। इससे यह स्पष्ट हुआ कि फरारी की पूरी योजना पहले से ही तैयार की गई थी।


तीन एसआईटी गठित, महाराष्ट्र में मिली सफलता


घटना के बाद हजारीबाग पुलिस ने तत्काल तीन विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस को इनपुट मिला कि तीनों आरोपी महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में छिपे हुए हैं। इसके बाद हजारीबाग पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से करमाला थाना क्षेत्र में छापेमारी कर तीनों फरार कैदियों को गिरफ्तार कर लिया।


जेल सुरक्षा की होगी समीक्षा


इस गंभीर घटना के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसे लेकर जिला प्रशासन ने एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक शामिल हैं। कमेटी द्वारा पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को सौंपी जाएगी, ताकि जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और चाक-चौबंद किया जा सके।


फिलहाल तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी से हजारीबाग पुलिस ने राहत की सांस ली है, वहीं जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिनका जवाब अब जांच रिपोर्ट के बाद सामने आने की उम्मीद है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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