चाईबासा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम स्थित दुर्गम सारंडा जंगल में गुरुवार को शुरू हुई सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुक्रवार को भी जारी रही। घने जंगलों में रुक-रुक कर फायरिंग की आवाजें सुनाई देती रहीं। आज एक और नक्सली को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है। अब तक इस अभियान में कुल 16 नक्सली मारे गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह मुठभेड़ झारखंड में अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक नक्सल विरोधी कार्रवाई मानी जा रही है।
सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गुरुवार को कुमडी गांव के पास नक्सलियों के एक बड़े दस्ते को घेर लिया गया। इस दौरान हुई भीषण मुठभेड़ में पांच इनामी नक्सलियों समेत 15 नक्सलियों को मार गिराया गया। मारे गए नक्सलियों में शीर्ष नक्सली नेता अनल दा उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल है, जिसे 100 से अधिक नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड माना जाता था।
अनल दा पर था 2.35 करोड़ रुपये का इनाम
अनल दा उर्फ पतिराम मांझी नक्सली संगठन का कुख्यात चेहरा था। अनल भाकपा (माओवादी) संगठन का सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) था और लंबे समय से सुरक्षाबलों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उस पर झारखंड सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये, ओडिशा सरकार द्वारा एक करोड़ 20 लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार उसकी मौत नक्सली नेटवर्क के लिए बड़ा झटका है।
14 नक्सलियों की पहचान, इलाके में सघन घेराबंदी
अब तक मारे गए 14 नक्सलियों की पहचान कर ली गई है। यह मुठभेड़ कुमडी गांव से लगभग 12 किलोमीटर के दायरे में फैले जंगल क्षेत्र में हुई, जहां कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ और झारखंड जगुआर के करीब 4000 जवानों ने चारों ओर से घेराबंदी कर अभियान चलाया। इलाके की भौगोलिक स्थिति कठिन होने के बावजूद सुरक्षाबलों ने रणनीतिक बढ़त बनाए रखी।
शव और हथियार बाहर निकालने की तैयारी
शुक्रवार को सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए नक्सलियों के शवों और भारी मात्रा में बरामद हथियारों को जंगल से बाहर लाने की तैयारी की जा रही है। पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है ताकि किसी भी संभावित खतरे को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
राज्य के लिए बड़ी कामयाबी
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति बहाल करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इस ऑपरेशन के जरिए नक्सलियों की कमर तोड़ने में सुरक्षाबलों को अहम सफलता मिली है, जिससे आने वाले समय में झारखंड के सारंडा और आसपास के इलाकों में नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।














