उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश पुलिस के अपराध के प्रति नो टोलरेंस के तहत अपराधियों के साथ लगातार मुठभेड़ की खबरें आ रही है और इस दौरान अपराधी ढेर हो रहे हैं।इसी कड़ी में शामली में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी रिहान अंसारी मारा गया।
.रिहान अंसारी के खिलाफ लूट समेत विभिन्न धाराओं में करीब 90 से अधिक मामले दर्ज हैं.पुलिस ने बदमाशों से पिस्टौल, जिंदा कारतूस, बिना नंबर की मोटरसाइकिल और लूटा गया सामान बरामद किया.
उत्तर प्रदेश के शामली में गुरुवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ के दौरान ताबड़तोड़ गोलियां चली. इस दौरान 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश रिहान अंसारी ढेर हो गया, जबकि उसका एक साथी मौके से भाग निकला. मुठभेड़ के दौरान जमकर फायरिंग. इस दौरान शामली कोतवाली पर तैनात सिपाही सुमित गोली लगने से घायल हो गया. पुलिस ने बताया कि रिहान अंसारी के खिलाफ लूट सहित विभिन्न धाराओं में 90 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटे में यह दूसरा एनकाउंटर है. इससे पहले मंगलवार रात को एक लाख के इनामी शूटर बनारसी यादव को एसटीएफ ने मार गिराया था.
शामली एसपी एनपी सिंह ने बताया कि देर रात सूचना मिली थी कि झिंझाना से कसेरवा गांव की ओर बाइक सवार दो बदमाश लूट के इरादे से खड़े हैं. सूचना पर कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम मौके पर पहुंची. पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी. इस दौरान सिपाही सुमित बैसला गोली लगने से घायल हो गया.
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दिल्ली के ओखला स्थित जाकिर नगर निवासी और 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश रिहान गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गया. घायल रिहान को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
घटना की सूचना मिलते ही एसपी एनपी सिंह मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी ली. उन्होंने बताया कि रिहान के खिलाफ शामली के अलावा बागपत, गाजियाबाद, दिल्ली और हरियाणा में लूट समेत विभिन्न धाराओं में 90 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं. उसके आपराधिक इतिहास की विस्तृत जानकारी ली जा रही है.
पुलिस के अनुसार, रिहान ने नवंबर 2025 में अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर झिंझाना क्षेत्र में एक दंपती से लूट की वारदात को अंजाम दिया था. यह मामला भी झिंझाना थाने में दर्ज है. उसी के बाद रिहान पर डीआईजी सहारनपुर की और से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था.
10 साल से संभाल रहा था गिरोह की कमान
पुलिस ने बताया कि रिहान पिछले दस वर्षों से अधिक समय से अपने गिरोह की कमान संभाल रहा था. वह कुख्यात याहिया गैंग के संपर्क में भी था और उसके साथ मिलकर शामली और आसपास के क्षेत्रों में लगातार लूट और स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम दे रहा था.













