चांडिल: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल निवासी मोहम्मद आरिफ ‘टार्जन’ की यह कहानी जुनून और कारीगरी की एक प्रेरणादायक मिसाल है। उन्होंने एक पुरानी Maruti 800 को शानदार लैंबॉर्गिनी एवेंटाडोर (Lamborghini Aventador) की प्रतिकृति में बदल दिया।
करीब 4 लाख रुपये की लागत और दो वर्षों की मेहनत से तैयार की गई यह मॉडिफाइड कार देखने वालों को हैरान कर देती है और सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है। अपने साधारण ‘टार्ज़न गैरेज’ में तैयार की गई यह कार देसी नवाचार और समर्पण का प्रतीक बन गई है।
1990 के दशक के आखिर और 2000 की शुरुआत में बड़े हुए कई लोगों के लिए Tarzan: The Wonder Car सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सपना थी। आरिफ भी उन्हीं सपने देखने वालों में से एक थे। एक दशक से अधिक समय तक कार मैकेनिक के रूप में काम करते हुए उन्होंने अपनी खुद की टार्जन कार बनाने का सपना संजोया। अपने इसी जुनून के कारण उन्होंने अपना उपनाम भी टार्जन रख लिया।
आखिरकार बचपन का यह सपना तब साकार हुआ जब उन्होंने एक साधारण मारुति 800 को सुपरकार से प्रेरित शानदार कृति में बदलने का फैसला किया। किसी बड़ी फैक्ट्री या आधुनिक वर्कशॉप पर निर्भर होने के बजाय आरिफ ने अपने छोटे से गैरेज में ही काम किया। दो वर्षों तक उन्होंने खुद बॉडी कटिंग, वेल्डिंग, डिटेलिंग और फिनिशिंग तक हर काम संभाला। केवल कुछ हिस्से जैसे म्यूजिक सिस्टम, एलईडी लाइट्स और विंडशील्ड बाहर से मंगाए गए, बाकी पूरा रूपांतरण उन्होंने अपने हाथों, हुनर और रचनात्मकता से पूरा किया।
जब भी यह कार सड़क पर निकलती है, ट्रैफिक धीमा पड़ जाता है और लोग तस्वीरें लेने के लिए रुक जाते हैं। इसकी खूबियां हाई-एंड लग्जरी कारों को टक्कर देती हैं।
आरिफ की ‘मेड-इन-इंडिया लेम्बॉर्गिनी’ अब सिर्फ चांडिल तक सीमित नहीं रही। इस कार के रील्स और वीडियो ऑनलाइन लाखों-करोड़ों व्यूज बटोर चुके हैं। देश-विदेश से लोग उनकी इंजीनियरिंग क्षमता और कलात्मक दृष्टि की सराहना कर रहे हैं।













