गढ़वा: जिले में रामनवमी की महाअष्टमी के अवसर पर देर रात उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। घटना रमकंडा थाना क्षेत्र की है, जहां हालात बिगड़ने के बाद पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात से ही जुलूस के मार्ग को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था। गुरुवार को दिनभर विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रशासन की निगरानी में जुलूस निकाला गया। हालांकि, शाम के समय जैसे ही जुलूस कौआखोह स्थित शिव चबूतरा के पास पहुंचा, दूसरे पक्ष के कुछ लोगों ने उसे आगे बढ़ने से रोक दिया।
इस दौरान मामूली कहासुनी देखते ही देखते पत्थरबाजी में बदल गई। दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चलाए गए, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी कौशल किशोर और एसपी अमन कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे काबू में आई।
इस झड़प में करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि दोनों पक्षों के कई लोग भी चोटिल हुए हैं। घायलों का उपचार स्थानीय अस्पताल में कराया जा रहा है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक दर्जन से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। साथ ही, मौके से दर्जनों मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए रमकंडा थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह कुंटिया को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है और उनकी जगह आरके पटेल को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जुलूस पर पथराव करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।













