रांची:जेल के दौरान ही भाकपा माओवादी के वरिष्ठ नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस की मौत 3 अप्रैल को रिम्स अस्पताल में हो गई थी लेकिन अब ऐसी खबर आ रही है कि उनकी डेड बॉडी लेने वाला और अंतिम संस्कार करने वाला कोई सामने नहीं आ रहा है। उनकी डेड बॉडी रिम्स के मर्चरी में रखी गई है। अब तक उनके परिवार के कोई सदस्य भी नहीं नजर आए।
खबरों के मुताबिक बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद पत्नी माओवादी नेत्री शीला मरांडी ने जेल प्रशासन के जरिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि उनके पति का कोई अन्य परिजन नहीं है, इसलिए प्रशासन ही उनके अंतिम संस्कार की व्यवस्था करे।
झारखंड में बोस के खिलाफ 70 से ज्यादा माओवादी मामलों में केस दर्ज प्रशांत बोस पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के यादवपुर इलाके के रहने वाले थे। उन्हें 12 नवंबर 2021 को झारखंड पुलिस ने सरायकेला जिले के कांड्रा स्थित मुंडरी चेक पोस्ट के पास गिरफ्तार किया था। उस समय उनके साथ उनकी पत्नी शीला मरांडी और चार अन्य माओवादी भी पकड़े गए थे। गिरफ्तारी के वक्त प्रशांत बोस पर सरकार ने एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था।
बताया जाता है कि वह उस समय इलाज कराने जा रहे थे। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने कई राज्यों में नक्सल गतिविधियों को फैलाने में अहम भूमिका निभाई थी। झारखंड में उनके खिलाफ 70 से ज्यादा माओवादी मामलों में केस दर्ज हैं। वहीं, उनकी पत्नी शीला मरांडी भी माओवादी संगठन की सेंट्रल कमेटी की सदस्य और नारी मुक्ति संघ की प्रमुख रह चुकी हैं।











