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यूपी के बाद कोलकाता में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, शुभेंदु अधिकारी ऑपरेशन शुरू

On: May 14, 2026 1:21 PM
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झारखंड वार्ता संवाददाता

कोलकाता। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब कोलकाता में भी अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। तिलजला इलाके में अवैध इमारतों पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कड़े निर्देश के बाद प्रशासन ने “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाते हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान शुरू किया है।

दरअसल, तिलजला स्थित एक चमड़ा कारखाने के स्टोर रूम में लगी भीषण आग में दो श्रमिकों की मौत के बाद सरकार हरकत में आई। घटना की जांच में सामने आया कि जिस इमारत में आग लगी थी, वह पूरी तरह अवैध थी और उसके पास कोई वैध बिल्डिंग प्लान नहीं था। साथ ही भवन में अग्निशमन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं थे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने 24 घंटे के भीतर अवैध हिस्सों को ध्वस्त करने का निर्देश दिया।

बुधवार शाम कोलकाता नगर निगम (KMC) और केएमडीए की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तिलजला इलाके में कार्रवाई शुरू की। इलाके को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया था। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई थी।

कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर उन्हें वहां से हटा दिया। प्रशासन ने पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। देर शाम तक बुलडोजर अवैध हिस्सों को तोड़ने में जुटे रहे।

बताया गया कि मंगलवार को तपसिया थाना क्षेत्र के तिलजला रोड स्थित जीजे खान रोड की एक चार मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई थी। आग दूसरी मंजिल पर बने चमड़ा कारखाने के स्टोर रूम में लगी थी। हादसे में धुएं के कारण दो श्रमिकों की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

घटना के बाद राज्य सरकार ने चार सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। बुधवार को सौंपी गई रिपोर्ट में कई गंभीर लापरवाहियां उजागर हुईं, जिसके आधार पर अवैध निर्माणों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई।

प्रशासन का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह अभियान जारी रहेगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

Shubham Jaiswal

“मैं शुभम जायसवाल, बीते आठ वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों और समाचार चैनलों में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले पाँच वर्षों से मैं साप्ताहिक अखबार ‘झारखंड वार्ता’ से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं बल्कि समाज और जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है, जहाँ मेरी कलम हमेशा सच और न्याय के पक्ष में चलती है।

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