*“आपन सरस्वतिया” अभियान : चौथे दिन भी हुई नदी सफाई, हटाई गयी गाद
झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा. सदर एसडीएम संजय कुमार की पहल पर जनसहयोग से संचालित “आपन सरस्वतिया” अभियान के तहत चौथे दिन आज गुरूवार को बकरीद की छुट्टी होने के बावजूद भी सरस्वतिया नदी की सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य जारी रहा। इस दैनिक अभियान के अंतर्गत जोड़ा पुल के पूर्वी दिशा स्थित नदी क्षेत्र में सफाई अभियान चलाकर गाद, कचरा एवं अस्थाई अतिक्रमणकारी अवशेषों को हटाया गया।
नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड पांच वाले नदी के हिस्से में चले इस विशेष अभियान में एमजी कंस्ट्रक्शन कंपनी, वार्ड पार्षद अंजू केसरी, नगर परिषद के नगर प्रबंधक ओंकार यादव सहित कुछ सामाजिक सहयोगकर्ताओं की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। विभिन्न मशीनों की सहायता से नदी के अवरुद्ध हिस्सों की सफाई कर जल प्रवाह को सुचारू बनाने का प्रयास किया गया।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि “आपन सरस्वतिया” अभियान को जनआंदोलन का रूप देना होगा इसके लिए शहर के विभिन्न वर्गों से सकारात्मक सहयोग सतत रूप से अपेक्षित है। उन्होंने अब तक चले अभियान में सहयोग करने वाले सभी सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, व्यवसायियों एवं नागरिकों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
साथ ही उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नदी क्षेत्र की सफाई होने के बावजूद कुछ व्यवसायी अब भी नदी किनारे गंदगी फैलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। विशेष रूप से गन्ना रस विक्रेता, पैकिंग सामग्री उपयोग करने वाले व्यवसायी तथा थर्मोकोल एवं प्लास्टिक अपशिष्ट फेंकने वाले लोगों द्वारा पुनः नदी क्षेत्र को प्रदूषित किये जाने का धूर्तता पूर्ण कृत्य किया जा रहा है। कुछ स्थानीय लोगों की मदद से इन असामाजिक तत्वों को चिन्हित करने का जिम्मा दिया गया है, जानकारी मिलने पर या रंगे हाथ पकड़े जाने पर उनके साथ कठोरतम कार्रवाई की जायेगी, तथा किसी भी बहाने की आड़ में कोई रियायत नहीं की जाएगी।
एसडीएम ने नगर परिषद गढ़वा को भी निर्देश दिया कि निगरानी दल के माध्यम से नियमित गश्ती कराई जाए तथा सरस्वती नदी में गंदगी फैलाने वाले लोगों को चिन्हित कर प्रतिवेदित करें ताकि कुछ लोगों पर ढंग से कार्रवाई हो जिससे अन्य लोगों में भी जागरूकता एवं अनुशासन स्थापित हो सके।
उन्होंने शहर के आम लोगों से भी अनुरोध किया कि वे गंदगी फैलाने वालों की फोटो या वीडियो लेकर उपलब्ध करवायें। उन्होंने कहा कि जब तक गढ़वा के लोग नहीं चाहेंगे तब तक नदी स्वच्छता का लक्ष्य नहीं हासिल किया जा सकता है, सरस्वती बचाने के लिए यहां के हर व्यक्ति को ब्रांड एंबेसडर बनना होगा। इसी सोच के साथ इस अभियान का नाम “आपन सरस्वतिया” रखा गया है, आपन मतलब हम सब की सरस्वतिया।
उन्होंने कहा कि फिलहाल यह अभियान सामाजिक सहयोग एवं जनभागीदारी से संचालित हो रहा है तथा सरस्वतिया नदी की पूर्ण सफाई एवं पुनर्जीवन तक अभियान निरंतर जारी रहेगा। एसडीएम ने स्थानीय युवाओं, सामाजिक संस्थाओं एवं नागरिकों से भी नदी किनारे प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट हटाने हेतु श्रमदान करने की अपील की।













