गढ़वा/रंका। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर 15 जून को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रंका में एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर का उद्देश्य रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित कर आपातकालीन एवं गंभीर मरीजों को समय पर जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराना है। चिकित्सा विज्ञान में निरंतर प्रगति के बावजूद आज भी रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प विकसित नहीं हो सका है, इसलिए मानव रक्त ही जीवन बचाने का एकमात्र विश्वसनीय स्रोत है।प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ असजद अंसारी ने बताया कि दुर्घटना, प्रसव, बड़ी सर्जरी, कैंसर, थैलेसीमिया तथा अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए रक्तदान किसी संजीवनी से कम नहीं है। एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।शिविर में भाग लेने वाले रक्तदाताओं को विशेष सम्मान दिया जाएगा। अस्पताल के मुख्य द्वार पर रक्तदाताओं की तस्वीर एवं नाम सहित विशेष फ्लेक्स बैनर लगाया जाएगा, जिसमें उनके अब तक के रक्तदान की संख्या भी प्रदर्शित की जाएगी। इसके अलावा स्वेच्छा से रक्तदान करने वाले कर्मियों को अस्पताल प्रबंधन की ओर से सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया जाएगा।
“रक्तदान केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि जीवन बचाने वाली चिकित्सा सेवा है” : डॉ. असजद
रंका अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. असजद ने कहा कि “रक्त की आवश्यकता किसी भी व्यक्ति को कभी भी पड़ सकती है। रक्तदान एक सुरक्षित, वैज्ञानिक एवं मानवीय प्रक्रिया है, जो गंभीर मरीजों के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकती है। स्वस्थ व्यक्ति को नियमित अंतराल पर स्वेच्छा से रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान से न केवल किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिलता है, बल्कि यह समाज में मानवता, संवेदनशीलता और सेवा की भावना को भी मजबूत करता है।”उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से बढ़-चढ़कर रक्तदान शिविर में भाग लेने तथा दूसरों को भी प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि “एक यूनिट रक्त कई जिंदगियों में उम्मीद की नई किरण जगा सकता है। आइए, विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रक्तदान कर मानवता की इस महान सेवा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।”
विश्व रक्तदाता दिवस 15 जून को रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशाल सुरक्षित रक्तदान शिविर









